मथुरा। जिला पंचायती राज विभाग ने गांव पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की योजना तैयार की है। इसमें उनके खजाने को भरने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। इस नई योजना के तहत जनवरी-2026 के बाद गांव सभा क्षेत्र में आवासीय कॉलोनियां और वाणिज्य भवन विकसित करने वालों को गांव पंचायत से अनुमति लेना आवश्यक हो जाएगा। वहीं गांव सभा सालाना टैक्स वसूल कर सकेगी।
योजना के अनुसार कुल क्षेत्रफल में बनाए गए व्यावसायिक या आवासीय भवन की मालियत के पांच प्रतिशत के हिसाब से भवन स्वामी से सालाना टैक्स वसूला जाएगा। वसूले गए टैक्स को गांव सभा की निधि में समाहित किया जाएगा। इसी टैक्स से गांव पंचायत अपना कर अधिकारी और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी आदि की व्यवस्था कर सकेंगे।
यह निर्णय गांव पंचायतों में खड़ंजा, पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश आदि सुविधाओं का अतिरिक्त बोझ बढ़ने के कारण लिया गया है। कारण गांव पंचायत के संसाधन सीमित हैं। इसके जरिए गांवों में लघु उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा वहीं ग्रामीण अंचलीय बाजार और मेले भी आयोजित हो सकेंगे। इससे गांव सभा का आर्थिक विकास हो सकेगा। नया नियम ग्रामीण क्षेत्र की परिधि में आ रहे प्रेक्षागृह, सिनेमाघरों अन्य मनोरंजन कार्यों पर भी लागू होगा।
वर्जन-
गांव पंचायतों को बेहतर राजस्व दिलाने की दिशा में काम किया गया है। इससे ग्रामीण अंचल में भी आम जनमानस के लिए सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। किसी भी नए डवलपर्स गांव सभा से अनुमति लेनी होगी। क्षेत्रफल के हिसाब से कर जमा करना होगा। -धनंजय जायसवाल, जिला पंचायती राज अधिकारी, मथुरा