प्राधिकरण बोर्ड के इस प्रस्ताव को अब अमल के लिए शासन को प्रस्तावित किया जा रहा है। शासन को निर्धारित प्रक्रिया के तहत उक्त नगर पंचायत और गांवों को विकास प्राधिकरण क्षेत्र में अनुसूचित किया जाएगा, जबकि यमुना एक्सप्रेस औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र से बाहर भी कराया जाएगा। मथुरा-वृंदावन प्राधिकरण सचिव राजेश कुमार ने बताया कि बोर्ड प्रस्ताव को शासन को अग्रिम कार्रवाई के लिए भेजा जा रहा है।
ये है विस्तारित क्षेत्र
गोकुल, महावन, बलदेव नगर पंचायत के साथ रावल बांगर, रावल खादर, मुबारिकपुर बांगर, मुबारिकपुर खादर, गोकुल बांगर, गोकुल खादर, महावन खादर, महावन बांगर, हथौड़ा, अमीरपुर, नरहौली, जुन्नारदार, रीढ़ा, छिवराऊ, छौली शामिल हैं।
पहले भी प्राधिकरण ने रखा था प्रस्ताव
14 जून 2019 को मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग लखनऊ और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण(यीडा) के अधिकारियों की संयुक्त बैठक में यीडा के अधिकारियों ने अवगत कराया था कि तीनों नगर पंचायत को अनधिसूचित करने में कोई आपत्ति नहीं है लेकिन 14 गांवों को अनधिसूचित करने में कठिनाई होगी। तब गांव यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मास्टर प्लान 2031 में भी अधिसूचित हैं। इस पर मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण ने तीनों नगर पंचायतों को क्षेत्र में शामिल करने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था।