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Mathura News: वेश और नाम बदलने में माहिर था छैमार गैंग का सरगना

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मथुरा। मुठभेड़ में ढेर हुआ असद उर्फ फाती नाम और वेश बदलने में माहिर था। गैंग के अन्य सदस्य भी इसी तर्ज पर काम करते हैं। वह भिखारी का वेश धारण कर पहले रेकी करते। इसके बाद रात को घर पर गैंग के साथ धावा बोल देते। गैंग के सदस्य धारदार हथियारों का ज्यादा प्रयोग करते हैं। मामला बिगड़ने पर ही तमंचा आदि का इस्तेमाल करते हैं।
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डीआईजी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि शातिर डकैत नाम और वेश बदलने में माहिर था। अभी तक उसके हापुड़ गढमुक्तेश्वर निवासी फाती उर्फ कदीम उर्फ असद उर्फ पहलवान उर्फ बबलू उर्फ मोनीस आदि नामों की जानकारी हुई है। उसके और नामों की भी जानकारी की जा रही है। बताया कि छैमर गैंग वारदात से पहले घर की रेकी करता है, इसके बाद वारदात को अंजाम देते हैं।
रेकी के लिए वह भिखारी का रूप धारण करते हैं। इसके बाद जिस घर में वारदात करनी है उस घर के सदस्यों की जानकारी, उनके आने जाने का समय, सुरक्षा के क्या इंतजाम है सभी पहलुओं की जानकारी करने के बाद ही वारदात करते हैं। वारदात के दौरान वह हथियारों का तो उपयोग करते हैं, लेकिन इससे ज्यादा कुल्हाड़ी, चाकू और तलवार का ज्यादा प्रयोग करते हैं। तमंचे आदि का प्रयोग वह परिजन को डराने के लिए करते हैं। यदि कहीं पर मामला बिगड़ जाए तब तमंचा आदि का प्रयोग करते हैं।
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उन्होंने बताया कि सितंबर 2024 में छैमार गिरोह के 8 सदस्यों को धौलपुर से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उनके पास से कट्टे और तलवार जैसे हथियार भी बरामद किए थे। यह गिरोह एक आपराधिक संगठन है। जो मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर में सक्रिय रहता है। गिरोह लूट, डकैती और हत्या जैसी गंभीर आपराधिक वारदात को अंजाम देते हैं। गिरोह के लोग घुमक्कड़ और खानाबदोश होते हैं। जो वारदात के बाद अपना ठिकाना बदल देते हैं।

वारदात करने से पहले आसपास के जिले में बनाते हैं ठिकाना
छैमार गिरोह जिस जिले में वारदात को अंजाम देता है, उसके पास के जिलों में पहले ही छिपने के लिए अपना ठिकाना बना लेता है। इसी कारण पुलिस को इनकी तलाश में परेशानी होती है। थाना प्रभारी निरीक्षक आनंद कुमार शाही ने बताया कि गैंग काफी खतरनाक है। डकैती और लूट के दौरान परिवार के किसी सदस्य को जिंदा नहीं छोड़ते हैं, ताकि कोई सबूत और गवाह इनके खिलाफ न मिले। मुठभेड़ में ढेर डकैत एक दर्जन से ज्यादा लोगों को मौत के घाट उतार चुका था। इसके साथ ही 20 से अधिक डकैती की वारदातों को अंजाम दिया था।

रस्सी के सहारे चढ़ते हैं छत पर फिर करते हैं घर में प्रवेश
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गैंग के सदस्य जिस घर में डकैती और लूट की वारदात करते थे। उस घर में रस्सी के सहारे चढ़कर छत तक जाते हैं। छत से सीढ़ियों से होते हुए घर के अंदर प्रवेश करते हैं। इसके बाद पूरा गैंग परिजनों को बंधक बना लेते है और डकैती की वारदात को अंजाम देता है।
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