तीन जनवरी के अंक में प्रकाशित खबर की पीडीएफ।
मथुरा। सर्दी में कोई भी निराश्रित व्यक्ति सार्वजनिक स्थल, चौक-चौराहों पर रात नहीं बिताएगा। नगर निगम की गाड़ी ऐसे लोगों को रैन बसेरे तक पहुंचाएगी। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद निगम ने यह पहल शुरू की है।
रात में 9 डिग्री सेल्सियस तापमान में खुले आसमान के नीचे रात बिताने वाले अधिकांश लोगों पता ही नहीं है कि नगर निगम ने कहां-कहां रैन बसेरे बनाए हैं। इनमें कुछ ऐसे हैं जिनके पास आधार कार्ड न होने के कारण उन्हें रैन बसेरोें में पनाह नहीं दी जा रही है। वहीं आरोप है कि रैन बसेरे फुल होने की वजह से सोने की जगह नहीं है।
तीन जनवरी को की गई पड़ताल में निराश्रितों ने अपनी समस्याएं बताईं। इन्हें प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद नगर निगम के अधिकारियों की तंद्रा भंग हुई। अपर नगर आयुक्त सौरभ सिंह ने बताया कि मथुरा-वृंदावन में दो गाड़ियां चलाई जाएंगी। ये देर रात तक शहर के प्रमुख स्थलों रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, होली गेट, बांकेबिहारी मंदिर मार्ग और अन्य सार्वजनिक चौराहों पर भ्रमण करेंगी। यदि कोई व्यक्ति खुले में सोता मिलेगा तो निगम की टीम उसे गाड़ी में बैठाकर नजदीकी रैन बसेरे तक छोड़ेगी।