मथुरा। नगर निगम के यार्ड में वर्षों से खड़े पुराने सरकारी वाहन कबाड़ में तब्दील हो गए हैं। किसी वाहन से टायर समेत अन्य पुर्जे गायब हो गए हैं तो कुछ की बैटरियां लापता हैं। ये कलपुर्जे या तो चोरी हो गए हैं या वाहनों में से निकला गया है। इनमें दर्जनों सीएनजी वाहन भी शामिल हैं। समय पर इन वाहनों की नीलामी नहीं होने से निगम के राजस्व में काफी नुकसान हुआ है। बावजूद कोई अधिकारी सुध लेने वाला नहीं है।
दरेसी रोड पर नई वस्ती में नगर निगम का यार्ड व वर्कशॉप है, जहां कंडम हो चुके वाहनों को खड़ा किया जाता है। वर्तमान में यहां पर दर्जनों बुलडोजर, कूड़ा गाड़ी, ई-रिक्शाओं के साथ-साथ कूड़ा उठान वाले ट्रक समेत अन्य दर्जनों वाहन खड़े हैं। यार्ड में लंबे समय से एक ही स्थान पर खड़े रहने के कारण अधिकांश वाहनों पर जंग लग चुकी है। कई वाहनों की बॉडी क्षतिग्रस्त हो गई है, शीशे टूट चुके हैं और सीटें भी खराब हो गई हैं। बरसात के मौसम में इन वाहनों के आसपास घास और झाड़ियां उग आई हैं, जिससे यह पहचानना भी मुश्किल हो रहा है। समय रहते यदि इन से अधिक वाहनों की नीलामी कर दी जाती, तो सरकारी खजाने को लाखों रुपये का राजस्व मिल सकता था। निगम प्रशासन के सुस्त रवैये के कारण ये गाड़ियां मिट्टी में मिल गई हैं। यार्ड में कई बुलडोजर मशीन वर्षों से एक ही जगह खड़ी रहने से धूल फांक रहीं हैं। इसी यार्ड में कई ट्रैक्टर-ट्रॉलियां, लोडर ट्रक, कूड़ा उठाने वाले छोटा हाथी खुले आसमान के नीचे खड़े-खड़े गल रहे हैं, लेकिन इन्हें देखने वाला कोई नहीं है। इसके अलावा हल्के जर्जर कूड़ेदान को भी कवाड़ के ढेर में फेंक दिया है। गाड़ियों के खुले हुए पुर्जे यहां-वहां बिखरे पड़े हैं।
कौड़ियों के भाव रह गई कीमत
यार्ड में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन करने वाली कई गाड़ियां और ट्रैक्टर-ट्रॉलियां बदहाल स्थिति में खड़ी हैं। रख-रखाव के अभाव में ये गाड़ियां कबाड़ में तब्दील हो चुकी हैं। इन गाड़ियों के अंदर के कीमती कल-पुर्जे गायब हो चुके हैं। इससे निगम को सीधे तौर पर राजस्व का नुकसान हो रहा है। यदि इन वाहनों की समय रहते नीलामी कर दी जाती, तो निगम को लाखों रुपये का राजस्व प्राप्त हो सकता है। अब स्थिति यह है कि जंग लगने और पुर्जे गायब होने के कारण इन वाहनों की कीमत कौड़ियों के भाव रह गई है।
मामूली मरम्मत के बाद कुछ वाहनों का हो सकता था संचालन
कबाड़ के ढेर में पड़े कई ऐसे वाहन हैं, जिन्हें मामूली मरम्मत के बाद उपयोग में लाया जा सकता था, लेकिन समय रहते उनकी सुध नहीं ली गई। वहीं पूरी तरह अनुपयोगी हो चुके वाहनों की नीलामी भी लंबे समय से नहीं कराई गई। इधर, यार्ड के एक हिस्से में वाहन वर्कशॉप भी संचालित होती है, जहां प्रतिदिन खराब वाहनों की मरम्मत और रखरखाव का कार्य किया जाता है।
कबाड़ वाहनों की नीलामी के लिए एक कमेटी बनाई गई है, जो टेंडर के माध्यम से इन वाहनों की नीलामी कराएगी। वृंदावन में इसका कार्य चल रहा है और मथुरा में जल्दी ही जैम पोर्टल के माध्यम नीलामी प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।
जग प्रवेश, नगर आयुक्त