हरी मटर 10 रुपये तो गोभी दो रुपये प्रति किलो भाव से मिल रही है। ऐसे में सब्जी की फसल करने वाले किसान भाव में आई गिरावट से परेशान हैं। हाईवे स्थित कृषि उत्पादन मंडी समिति में प्रतिदिन 56 टन हरी मटर और 70 टन से अधिक गोभी आ रही है। सब्जी के भाव में गिरावट के कारण किसानों के साथ सब्जी आढ़तियों को भी नुकसान हो रहा है।
सब्जी मंडी के आढ़ती असलम कुरैशी ने बताया कि बदलते मौसम की मार अब सब्जी की खेती करने वाले किसानों पर भारी पड़ रही है। सब्जी की कीमतों में लगातार गिरावट हो आ रही है। किराया भाड़ा लगाने के बाद किसान जब थोक मंडी पहुंच रहा है, तो सब्जी की कीमत औने-पौने दामों पर लगाई जा रही है।
आढ़ती ने बताया कि थोक मंडी में हरी मटर 10 तो गोभी दो रुपये किलो के भाव में मिल रही है। सब्जी आढ़तियों का कहना है कि इस समय कासगंज से हरी मटर ज्यादा आ रही है। इसी के साथ जिले में गोभी की फसल ज्यादा होने से भाव में गिरावट आई है। कई किसान तो गोभी सस्ती होने के चलते मंडी में लेकर ही नहीं पहुंच रहे है। वह खेत में ही पशुओं को सब्जी खिला रहे है।
किसान शिशुपाल ने बताया कि पिछली बार सब्जी बोकर उन्हें मुनाफा मिल गया था, लेकिन इस बार लागत तक नहीं निकल पा रही है। मंडी के आढ़ती सुनील चौधरी ने बताया कि गोभी और मटर की कीमत गिरने के बाद भी इनकी खरीदारी करने वाले कम हैं। मंडी में बंद गोभी सूख रही है। ऐसे में उन्हें गोशाला या अन्य स्थानों पर पशुओं को खिलाया जा रहा है।
फुटकर में गोभी पांच तो मटर के 20 रुपये प्रतिकिलो तक भाव
शहर के होली गेट के पास बनी सब्जी मंडी में गोभी फुटकर में पांच रुपये मिल रही है। ऐसे में मंडी में आने वाली महिलाएं भी गोभी खूब खरीदकर ले जा रही हैं। उधर, हरी मटर फुटकर में 18 से 20 रुपये प्रतिकिलो मिल रही है। सब्जी विक्रेताओं ने बताया कि एक सप्ताह से इनकी कीमतों में गिरावट आई है।