वृंदावन (मथुरा)। दक्षिणात्य शैली के प्रसिद्ध श्री रंग मंदिर में पंच दिवसीय वसंतोत्सव का आयोजन विविध धार्मिक व सांस्कृतिक अनुष्ठानों के साथ किया जा रहा है। इसमें ठाकुर जी के चल श्री विग्रह को हरितिमा युक्त वातावरण से आच्छादित कर बृहस्पतिवार को बगीची में विराजित किया। चारों तरफ खस की टटिया से घिरे परिसर में विराजित ठाकुरजी के श्री विग्रह का शीतल जल से तिरुमंजन कर केसर, कपूर मिश्रित चंदन का लेपन किया। ठाकुर जी को पीत सूती वस्त्र धारण कराकर सुगंधित पुष्पों की माला अर्पित कीं। इसके साथ ही शीतलपेय पदार्थ निवेदित किये गए।
सेवायत रघुनाथ स्वामी ने बताया कि भगवान को गर्मी से राहत देने के लिए वसंत उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। पांच दिवसीय वसंतोत्सव का आयोजन धार्मिक और सांस्कृतिक अनुष्ठान के साथ किए जा रहे हैं। श्री रंग मंदिर में श्री रामानुज संप्रदाय की परंपरा के अनुसार हर दिन उत्सव होते हैं। वसंतोत्सव का समापन शनिवार को होगा। शाम के समय भगवान पालकी में विराजमान होकर मंदिर प्रांगण में भ्रमण करते हैं।
श्री रंगनाथ मंदिर करीब 178 साल पुराना है। दक्षिण की वैदिक भूमि से ब्रज में भक्ति की भूमि पर साधना करने आए संत रंगदेशिक महाराज की प्रेरणा से मथुरा के भक्त राधा कृष्ण, लक्ष्मी चंद और गोविंद दास ने इस मंदिर का निर्माण कराया था। संवत 1901 से प्रारंभ हुए विशालकाय मंदिर का निर्माण 1906 में पूर्ण हुआ था।