कोसीकलां के जैन मंदिर में पूजा करती महिलाएं।
कोसीकलां। दशलक्षण महापर्व के दूसरे दिन शुक्रवार को श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ पूजा-अर्चना की। उत्तम मार्दव व्रत का पालन किया गया। नगर के सभी जैन मंदिरों में भक्ति का सैलाब उमड़ा। सुबह अभिषेक किया गया। जिनेंद्र भगवान की पूजा-अर्चना की गई।
श्रीचंद्रप्रभु जैन पांडे वाले मंदिर में विद्वान ने मार्दव पर्व पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि भाग्यशाली लोगों को ही स्वाध्याय का अवसर मिलता है। सभी जानते हैं कि अच्छे कर्मों से स्वर्ग व बुरे कर्मों से नरक मिलता है। पर्यूषण पर्व में अपना आंकलन अवश्य करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मंदिर दर्शन की चीज है, प्रदर्शन की नहीं। दशलक्षण आत्मशोधन और परिवर्तन का पर्व है। इसमें भी हमने अपने को नहीं बदला तो फिर कब बदलेंगे। समाज के पूर्व अध्यक्ष सुभाष जैन, कैलाश चंदौरिया, राजेंद्र जैन, सोमराज जैन, नवीन जैन, प्रवीन जैन आदि मौजूद थे। संवाद