मथुरा। मकर संक्रांति पर खिचड़ी खाने का धार्मिक और औषधीय दोनों ही महत्व है। उड़द और मूंग की दाल युक्त खिचड़ी खाने से वात, पित्त और कफ का संतुलन बनता है। इसके साथ ही यह एलर्जी और हृदय संबंधी रोग से बचाव में फायदेमंद है।
चेस्ट फिजिशियन डॉ. रवि महेश्वरी ने बताया कि खिचड़ी में वसा और कैलोरी की मात्रा काफी कम होती है। यह कारण यह आसानी से हजम हो जाती है। खिचड़ी लंबे समय तक पेट को भरा रखती है। ऐसे में वजन कम करने वाले भोजन के रूप में खिचड़ी को शामिल कर सकते हैं।
उड़द की दाल में फोलेट, विटामिन बी-6 और बायोएक्टिव यौगिक ( फाइटोन्यूट्रिएंट्स ) होते हैं। ये शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी कम करते हैं। इस कारण हृदय संबंधी समस्याएं होने की संभावना कम रहती है। शुगर के मरीजों के लिए भी उड़द और मूंग की दाल फायदेमंद है। इसमें फाइबर होता है, यह ब्लड में मौजूद ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित करता है। शरीर में इंसुलिन लेवल को बढ़ाने में मदद करता है।
रक्तचाप को नियंत्रित रखने में भी ये फायदेमंद है। ब्लड प्रेशर के मरीजों को सोडियम कम करना जरूरी होता है। ऐसे में उड़द की दाल खाना फायदेमंद होता है। इसमें सोडियम कम होता है, जो ब्लड प्रेशर को ठीक रखता है। फूड प्वाजनिंग जैसी समस्याओं में खिचड़ी का सेवन लाभकारी है। इसी कारण डॉक्टर्स पेट से संबंधित बीमारियों में खिचड़ी का सेवन करने की सलाह देते हैं। नियमित मूंग की दाल का सेवन करने से एलर्जी जैसी समस्याओं से भी छुटकारा मिलता हैै।