फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP Weather: 60 किमी की रफ्तार से चलीं हवाएं, बारिश से लुढ़क गया पारा; ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट

Fri, 20 Mar 2026 10:09 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा में शाम को 60 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं और बूंदाबांदी से मौसम अचानक बदल गया, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज हुई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग ने आज के लिए आंधी और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिससे किसानों की फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
विज्ञापन
यूपी में बदला मौसम। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ताजनगरी में बृहस्पतिवार शाम मौसम ने अचानक करवट बदली। दिनभर तेज धूप के बाद शाम को 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं और हल्की बूंदाबांदी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। तेज हवाओं के चलते तापमान में खासी गिरावट दर्ज की गई। इससे लोगों को गर्मी से फौरी राहत तो मिली, लेकिन किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई। मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए आंधी और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
विज्ञापन



देर रात शुरू हुई झमाझम बारिश का दौरा शुक्रवार को भी जारी रहने से मौसम में एक बार फिर से गुलाबी ठंडक लौट आई । मौसम विज्ञान विभाग ने अगले दो घंटे बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के चलते अचानक सक्रिय हुए मौसम तंत्र के कारण यह बदलाव देखने को मिला है। फिलहाल इस बेमौसम बारिश से जहां एक और तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है।

वहीं दूसरी ओर बी मौसमी बारिश ने गेहूं की फसल पैदा करने वाले किसानों के मतों पर चिंता की लकीरें ला दी हैं। ज्यादातर जगहों पर किसान या तो फसल काट नहीं पाए हैं या फिर कटी हुई फसल खेतों में ही उत्थान के लिए पड़ी हुई थी ऐसे में बारिश की वजह से फसल को नुकसान होने की संभावना है।
विज्ञापन


 
विज्ञापन

बृहस्पतिवार को आगरा का अधिकतम तापमान 35.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 19.1 डिग्री सेल्सियस रहा। शाम होते ही आसमान में काली घटाएं छा गईं और तूफानी हवाओं के साथ शुरू हुई बूंदाबांदी ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। धूल भरी आंधी के कारण शहर के कई हिस्सों में विजिबिलिटी कम हो गई और दुपहिया वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ओले गिरते हैं, तो खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें