पाक अधिकृत कश्मीर में घुसकर आतंकियों को ढेर करने वाले सेना के आपरेशन की तरह यूपी पुलिस भी अब सरप्राइज अटैक करना सीखेगी। किस तरह से अपराधियों का चिन्हीकरण करके उन पर हमला किया जा सकता है इसके लिए पुलिस वालों को प्रशिक्षित किया जाएगा। गृह विभाग की एजेंसी ब्यूरो आफ पुलिस एंड रिसर्च ने इसके लिए कैप्सूल कोर्स चलाने का फैसला किया है।
अब देश भर की पुलिस को भी सेना की तरह ही सरप्राइज अटैक करना सिखाया जाएगा। किस तरह से बड़े आपरेशन चलाए जाएं जिसमें बगैर किसी नुकसान के अपराधियों की कमर तोड़ी जा सके। कैसे आबादी में छुपे दहशतगर्दों को तलाशा जा सकता है। हमले के लिए क्या प्लानिंग अपनाई जाए जो अपराधियों को पता ही न चले। बड़े अभियान के लिए क्या इंटेलीजेंस होनी चहिए। अफसरों का कहना है कि पीएसी की बटालियनों से तो जवानों का चिन्हीकरण करके उन्हें आर्मी के ट्रेनिंग सेंटरों पर भेजा जा भी रहा है।
सेना के कुछ अधिकारियों, रिटायर अफसरों को ट्रेनिंग सेंटरों पर गेस्ट लेक्चर के रूप में बुलाया जाएगा। फील्ड ट्रेनिंग भी कराई जाएगी। आमतौर पर पुलिस जब भी कोई आपरेशन चलाती है उसमें पूरी तरह से कामयाबी नहीं मिल पाती है। या तो बदमाश भाग चुके होते हैं या फिर पुलिस पर फायरिंग कर देते। इसके पीछे माना गया कि पुलिस पूरी प्लानिंग करने के बाद अटैक नहीं करती है। व्यूह की रचना पुलिस कर ही नहीं पाती है। यही वजह है कि बदमाशों की फायरिंग में कई पुलिस वालों की मौत हो चुकी है। हालांकि पुलिस वालों को पहले से ही अचानक अटैक करने की ट्रेनिंग दी जाती है लेकिन अब कुछ स्पेशल कोर्स चलाने की तैयारी की जा रही है।
पुलिस में पहले भी होते रहे हैं ऐसे कोर्स: डीजी ट्रेनिंग
डीजी ट्रेनिंग सुलखान सिंह ने बताया कि पुलिस वालों को इस तरह की ट्रेनिंग पहले भी दी जाती रही है। आतंकवादियों और नक्सलियों से लड़ने को जो पुलिस तैयार की जाती है उन्हें बताया जाता है कि किस तरह से गोपनीय सूचनाएं जुटाकर हमला किया जा सकता है। इंसपेक्टर और दरोगा के कोर्स में यह शामिल है। अब कोर्स को बढ़ाया जाएगा। कुछ नए चैप्टर भी शामिल किए जाएंगे। संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा में क्या सावधानी बरती जाए यह भी पुलिस वालों को पढ़ाया जा रहा है। कांस्टेबिलों को भी अब इसका प्रशिक्षण दिया जाएगा।