जलकल महाप्रबंधक अरुणेन्द्र कुमार राजपूत।
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अवैध नियुक्तियां, कार्यों में भ्रष्टाचार और फाइलों की हेराफेरी के आरोप में बृहस्पतिवार को शासन ने जलकल महाप्रबंधक अरुणेन्द्र कुमार राजपूत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में एके राजपूत स्थानीय निकाय निदेशालय, लखनऊ कार्यालय से संबद्ध रहेंगे।
प्रमुख सचिव द्वारा जलकल महाप्रबंधक को निलंबित किए जाने के आदेश के बाद विभाग में खलबली मच गई है। अरुणेन्द्र कुमार के खिलाफ कार्रवाई की पटकथा लंबे समय से लिखी जा रही थी। रिपोर्ट के अनुसार सितम्बर 2024 तक जलकर वसूली का लक्ष्य पूरा नहीं किया गया। 18 मार्च 2025 को जनता की समस्याओं के समाधान के लिए आयोजित सम्भव जनसुनवाई कार्यक्रम से वह अनुपस्थित रहे। भीषण गर्मी के दौरान पिछले साल मई 2025 में पेयजल आपूर्ति सुचारू रखने में भी वह नाकाम रहे।
अगस्त 2025 तक की कर वसूली पिछले वर्ष की तुलना में भी कम रही, जिसके लिए उन्हें कारण बताओ नोटिस भी दिया गया था, लेकिन उनकी कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं हुआ। जिसके बाद इन आरोपों के साथ 19 अप्रैल को नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल ने महाप्रबंधक के विरुद्ध कार्रवाई की सिफारिश निदेशक को भेजी थी।