उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने संत प्रेमानंद महाराज से आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने संत से पूछा कि काम के साथ नाम जप करना मुश्किल होता है, कैसे संभव हो। इस पर संत ने जानें क्या जवाब दिया।
श्रीराधे हित केलिकुंज में शुक्रवार की सुबह सात बजे एकांतिक वार्ता में संत प्रेमानंद महाराज से मिलने के लिए प्रदेश के उच्च शिक्षामंत्री योगेंद्र उपाध्याय पहुंचे।
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उन्होंने सवाल किया कि काम के साथ नाम जप करना मुश्किल होता है, कैसे संभव हो। इस पर संत प्रेमानंद महाराज ने कहा कि भगवान ने गीता में कहा है कि जो भी करते हो मुझे समर्पित कर दो। आप चाहो तो कर्म के साथ भी नाम जप कर सकते हैं।
संत ने कहा कि आपको जो कर्म मिला है, समाज को उन्नति की ओर ले जाने वाला कर्म है। आप जो भी सच्चे मन से कार्य करें, उसे भगवान को समर्पित कर दें तो आपकी साधना मानी जाएगी। किसी भय अथवा प्रलोभन वश किया गया काम पाप होता है।