वृंदावन। परिक्रमा मार्ग स्थित विरागी आश्रम के पास दो आश्रम के दर्जनों लोग रास्ता निकालने को लेकर आमने-सामने आ गए। एक दूसरे को मारपीट पर आमादा होने के साथ ही गालीगलौज करने लगे। हंगामा बढ़ता देख पुलिस पहुंची और मामला शांत कराया। लेकिन शाम को फिर से मार्ग दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया।
शनिवार दोपहर को परिक्रमा मार्ग स्थित श्रीकृष्ण बलदेव महाराज विराजमान मंदिर गोरेदाऊजी मंदिर पक्ष के एक दर्जन से अधिक लोग पहुंचे और रास्ता निकालने की बात कहने लगे। इसी लेकर श्रीकृष्ण बलदेव मंदिर के लोगों ने इसका विरोध किया। इसी बात को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद गहराने लगा। एक दूसरे को गालीगलौज करते हुए मारपीट करने पर आमादा हो गए। विवाद बढ़ने की सूचना अद्धा पुलिस चौकी प्रभारी कुलवीर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामला शांत कराया। श्रीकृष्ण बलदेव विराजमान मंदिर के आचार्य श्याम द्विवेदी ने उन्हें जमीन संबंधी दस्तावेज दिखाए साथ ही जमीन को लेकर न्यायालय द्वारा स्टे ऑर्डर दिखाया।
आचार्य ने बताया कि 23 जुलाई 2006 में उनकी पत्नी की हत्या कर दी गई। उसके बाद दिसंबर, जनवरी और अब फरवरी में लगातार रास्ते को लेकर विवाद किया जा रहा है। जबकि यह मामला न्यायालय में लंबित है। न्यायालय का स्टे ऑर्डर है। सुबह पुलिस मामले को शांत कराया, लेकिन शाम को फिर लोग आए और झगड़ा करने लगे। वहीं नितिन चौधरी ने इस मामले में कोतवाली में तहरीर दी है। कोतवाली पुलिस का कहना है कि देानों पक्षों में रास्ते को लेकर आपसी विवाद है। मामला न्यायालय में विचाराधीन है। मामला शांत करा दिया है।