छाता/बरसाना (मथुरा)। छाता में फरसा वाले बाबा चंद्रशेखर महाराज की हादसे में मौत के बाद हुए बवाल के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। छाता पुलिस पर पथराव, तोड़फोड़ के 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि दूसरे जिलों से बवाल करने पहुंचे दक्ष चौधरी सहित पांच आरोपियों पर थाना बरसाना पुलिस ने कार्रवाई की है। 20 आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस अब बवाल में शामिल अन्य प्रदर्शनकारियों को चिह्नित कर रही है।
बरसाना स्थित आजनौंख गोशाला के संचालक और प्रसिद्ध गोसेवक चंद्रशेखर महाराज गो तस्करी की सूचना पर हाईवे पर ट्रकों को रोककर चेक कर रहे थे। इसी दरम्यान कोहरे में पीछे आ रहे ट्रक की चपेट में आकर बाबा की मृत्यु हो गई थी। हादसे के बाद उनकी हत्या की अफवाह फैला दी गई। इसके बाद आसपास के गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। गुस्साए ग्रामीणों और बाबा के अनुयायियों ने उनके शव को हाईवे पर रखकर करीब चार घंटे तक जाम लगाए रखा। पुलिस ने शव उठाने की कोशिश की तो पुलिस पर दो बार पथराव किया गया। पुलिस व प्रशासन की गाड़ियों और पुलिस चौकी में तोड़फोड़ कर दी गई। इस पूरे बवाल में 27 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। डीआईजी, एसएसपी व डीएम ने किसी तरह स्थिति को संभाला था। इसके बाद पुलिस ने बलवा करने आरोपियों को चिह्नित करना शुरू किया। पुलिस ने बाबा के कई अनुयायियों को भी गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों में गौरव उर्फ भूरा निवासी बरसाना, नरेश निवासी रनवारी, छाता, हिमांशु निवासी पलवल, पवन निवासी शेरगढ, कपिल निवासी पलवल, धर्मेंद्र कृष्णा कॉलोनी थाना छाता, विष्णु निवासी रिफाइनरी, अनुज निवासी रिफाइनरी, शनि निवासी पलवल, केशव निवासी कोसीकलां, पवन पुत्र नारायन निवासी छाता, अरुण निवासी रिफाइनरी, अमन निवासी राधाकुंड, सुभाष निवासी छाता, संदीप बाबू निवासी छाता को गिरफ्तार करके अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेजा गया है। पुलिस ने बलवे के आरोपियों पर पुलिस पर पथराव, फायरिंग, जाम, सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाने, आईटी एक्ट, 7 सीएलए एक्ट जैसी संगीन धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
दूसरी ओर, थाना बरसाना पुलिस ने फरसा वाले बाबा की मौत के बाद बरसाना थाने पहुंचकर हंगामा करने के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें दक्ष चौधरी,अक्कू निवासी गाज़ियाबाद, सचिन निवासी नजफगढ़, नई दिल्ली, रितेशपाल निवासी फर्रुखाबाद और डॉ. प्रकाश सिंह निवासी गाज़ियाबाद शामिल हैं। इनके खिलाफ बरसाना थाने में बवाल और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने की प्राथमिकी दर्ज कराई गई। इन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेजा गया। एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि अफवाह फैलाने वालों पर भी सख्त कार्रवाई होगी।