मथुरा। शेरगढ़ कस्बा में झगड़े की सूचना पर गई पुलिस पर जानलेवा हमला करने वाले 20 लोगों को एडीजे सप्तम विद्या भूषण ने शनिवार को एक-एक साल की जेल की सजा सुनाई है। सभी पर 10-10 हजार के अर्थदंड भी लगाया है।
13 अप्रैल 2011 को यामीन नामक व्यक्ति ने शेरगढ़ थाना पुलिस को सूचना दी कि कस्बे में बच्चों के झगड़े को लेकर दो पक्षों में विवाद हो रहा है। थाने के एसआई बृजपाल सिंह, अपने साथ सिपाही और होमगार्ड को लेकर पहुंच गए। पुलिस पर एक राय होकर लोगों ने जानलेवा हमला कर दिया। इसमें होमगार्ड धर्मवीर सिंह को गंभीर चोटें आई थीं। एसआई बृजपाल सिंह ने कस्बा निवासी वकील उर्फ वक्को, सीधा, नसीर, बादशाह, फरमान, गुलफाम, सुन्दर, नवाब, जयकिशन, गोपाल उर्फ भोला, धन्नो, भोजा, भोला, भूप सिंह, रहीश, सोनू, जाविद, अकील, सैम सिंह और कमल सिंह के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। यहां से उन्हें जेल भेज दिया, लेकिन कुछ समय बाद उन्हें जमानत मिल गई। पुलिस ने विवेचना के बाद सभी के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। शनिवार को एडीजे सप्तम कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई। कोर्ट ने सभी को पुलिस पर हमला करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने का दोषी मानते हुए सजा सुनाई। कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि दोषियों ने जो समय जेल में गुजारा है उसे भी सजा में जोड़ा जाएगा।