मथुरा रिफाइनरी से पेट्रोलियम पदार्थों को ले जाने के लिए आईओसी द्वारा शुरू की गई ई-टेंडरिंग का डीलर और ट्रांसपोर्टर ने बहिष्कार कर दिया है। इसके लिए नोएडा क्षेत्रीय कार्यालय से आए अफसरों से हुई वार्ता में भी कोई नतीजा नहीं निकल सका।
आईओसी की मथुरा रिफाइनरी से पेट्रोल-डीजल सहित अन्य पेट्रोलियम पदार्थों को विभिन्न स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था में निजी ट्रांसपोर्टर सहयोगी हैं। इसी के लिए आईओसी ने ई-टेंडर मांगे हैं। यह प्रक्रिया इसी साल 29 जनवरी से शुरू होकर 28 फरवरी तक चलेगी। इस बार आईओसी ने ई-टेंडरिंग में ट्रांसपोर्ट और डीलरों के लिए कुछ नई शर्तें जोड़ दी हैं। इसमें एआरटीओ से प्रमाण पत्र भी मांगा गया है।
इसके अलावा आगरा सहित अन्य डिपो से मथुरा टर्मिनल के लिए निर्धारित की गई दरें कम हैं। इसी का विरोध डीलर और ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन द्वारा किया जा रहा है। इस विरोध को खत्म करने के लिए आईओसी के नोएडा स्थित कार्यालय के अधिकारी शुक्रवार को मथुरा आए। यहां उन्होंने करीब आधा सैकड़ा प्रतिनिधियों के साथ वार्ता की लेकिन नतीजा नहीं निकला।
ऐसी स्थिति में एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने आईओसी के टेंडर प्रक्रिया का ही बहिष्कार करने का फैसला लिया है। वार्ता के दौरान मथुरा के साथ कई अन्य जनपदों के डीलर और ट्रांसपोर्टर शामिल हुए। इसमें केवी दीक्षित, सुजीत चौधरी, सुनील अग्रवाल, प्रमोद यादव, संदीप अग्रवाल, रघुवीर सिंह, मुकीम खान आदि शामिल थे।