विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने कहा है कि हम नहीं बदले। विहिप के जो तेवर शुरुआत में थे वही आज भी हैं। हिंदू हितों की रक्षा और अयोध्या में रामलला के मंदिर का निर्माण उनका मुद्दा था और हमेशा रहेगा। यह 100 करोड़ हिंदुओं की भावनाओं से जुड़ा मामला है। इसे भला कैसे कोई कमजोर कर सकता है। शनिवार को तोगड़िया वृंदावन में हिंदू हेल्पलाइन की अखिल भारतीय बैठक को संबोधित करने पहुंचे थे। यहां ‘अमर उजाला’ के साथ उनकी खास बातचीत हुई। पेश हैं बातचीत के प्रमुख अंश।
सवाल: क्या आपको नहीं लगता कि विहिप के तेवर पहले से काफी ढीले पड़े हैं। अब पहले जैसी बात नहीं रह गई है।
जवाब: बिल्कुल नहीं। हम जो पहले थे आज भी वही हैं। हिंदू हितों की लड़ाई लड़ते रहेंगे। इसके लिए ही देशभर में मुहिम चलाई जा रही है।
सवाल: अयोध्या में रामलला के मंदिर का निर्माण विहिप के मुख्य एजेंडे में शामिल रहा है। खूब आंदोलन चले हैं लेकिन अब बड़े नेता अपनी जुबान तक पर इस मुद्दे को लाने से कतराते हैं। अचानक इतना परिवर्तन कैसे हो गया।
जवाब: देखिए 100 करोड़ हिंदुओं का देश है भारत वर्ष। हिंदुओं की भावनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। विहिप का मुद्दा हमेशा राममंदिर रहा है और आगे भी रहेगा। लड़ाई लड़ते रहेंगे। समाज पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं करेंगे।
सवाल: क्या आपको नहीं लगता कि जिस मंदिर के मुद्दे को लेकर भाजपा ने अपनी जमीन तैयार की थी वह भी उस मुद्दे को छोड़ती जा रही है। इससे संतों में भी लगातार नाराजगी बढ़ रही है। संत समाज लगातार दबाव भी बना रहा है।
जवाब: (हंसते हुए) हमें सियासत की राह पर मत ले जाइए। लोग नाराज होते हैं। बस इतना कहेंगे कि हमारा मुद्दा जो पहले था वही आज भी है। बस समय का इंतजार हो रहा है। आने दीजिए समय को। फिर हम और आप दोनों फैसले करेंगे।
सवाल: हिंदू हेल्पलाइन से अब तक कितने लोगों को जोड़ा जा चुका है। इस हेल्पलाइन के जरिए किस तरह से लोगों की मदद की जा रही है। क्या इस सिस्टम में कहीं सरकारी मशीनरी की भी मदद ली जाती है। ली जाती है तो कैसे?
जवाब: चौबीस घंटे काम करने वाली इस हेल्पलाइन से अब तक 1 लाख से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं। पचास हजार लोगों ने ब्लड देकर ब्लड बैंक बनाई है। कई रिटायर्ड अधिकारियों की देखरेख में हेल्पलाइन चल रही है। डाक्टरों की टीम हमारे साथ आ गई है।
सवाल: हिंदू हेल्पलाइन में और समाज के लिए क्या किया जा रहा है। गरीबों की मदद किस तरह से हो रही है। इसका गठन अभी तक किन-किन राज्यों में किया जा सकता है। आगे को क्या इस संगठन की प्लानिंग हो रही है।
जवाब: अगर कोई बंदी जेल में बंद है और उसके पास अधिवक्ता को देने के लिए फीस नहीं है तो उसे हिंदू एडवोकेट फोरम के जरिए मदद की जाती है। गरीब बेटियों की शादी के लिए भी पैसा दिया जाता है। गरीबों का इलाज भी इस हेल्पलाइन से हो रहा है।