नरी सेमरी देवी मंदिर में 28 मार्च को देवी मां की लट्ठों से पूजा होगी। छह गांवों के लोग सज-धजकर हाथों में लाठी, फरसा, भाला लेकर मंदिर में पूजा करने आएंगे।
दुनिया में इष्ट की भक्ति और पूजा के कई तरीके हैं। नरी सेमरी देवी के भक्त अपनी इष्ट को लाठियों से मनाते हैं। लट्ठ पूजा देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग आएंगे। प्रशासन ने भी इसकी पूरी तैयारी कर ली है। लट्ठ पूजा में नरी, सांखी, रहेड़ा, अलवाई, सेमरी आदि गांवों के यदुवंशी समाज के लोग शनिवार को अपराह्न तीन बजे हाथों में लाठियां, फरसे, भाला, बंदूक आदि लेकर आएंगे। घोड़ियां नचाते हुए वे देवी मां की जय, झूला वाले की जयकारों से क्षेत्र गुंजा देंगे। इस बारे में दो मान्यता हैं।
गांव नरी के पूर्व प्रधान ठा. अभयपाल सिंह, अजय सिंह आदि ने बताया कि नरी सेमरी देवी मंदिर की सीमा को लेकर गौरए और यदुवंशी ठाकुरों में संघर्ष हुआ था। देवी मां ने अदृश्य रूप से यदुवंशी ठाकुरों की रक्षा की थी, इसी की वे खुशी में अपने शौर्य का प्रदर्शन करते हैं। मां की लट्ठों से पूजा करते हैं।
अकबरपुर के समाजसेवी ठा. पातीराम सिसौदिया ने बताया कि सीमा विवाद को लेकर झगड़े में यदुवंशी समाज की हार हो गई थी, गौरए ठाकुर जीत गए थे। यदुवंशी समाज का भगत दद्दी इस लड़ाई में मारा गया था। इसी रोष में कि देवी ने उनकी हार क्यों होने दी और भगत की रक्षा क्यों नहीं की, वे देवी के मंदिर पर लट्ठ बरसाते हैं।
छाता में पथवारी मंदिर पैगांव रोड से मां भगवती का डोला नरी सेमरी देवी मंदिर के लिए चला। शुभारंभ पूर्व चेयरमैन जगपाल सिंह ने किया। नगर भ्रमण के दौरान आतिशबाजी चला कर भक्तों ने मां का गुणगान किया। नरी सेमरी देवी मंदिर में छाता सहित कई डोलों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठियां फटकारी। कुछ भक्तों को हल्की चोट लगी है। डोले में राजीव गुप्ता, अमित वार्ष्णेय, टोनी गुप्ता, राजू अग्रवाल, मोनू, दीपक गुप्ता, रेशमी, अनीता शर्मा, राधा शर्मा आदि शामिल हुईं।
दुकानें बंद रखें
एसडीएम सुरेद्र सिंह ने बताया कि मेले में 28 मार्च को लट्ठ पूजा को देखते हुए फोर्स तैनात किया जाएगा। जिस समय यदुवंशी समाज के लोग लट्ठ पूजा करने आएं उस दौरान दुकानदार अपनी दुकानों को बंद कर लें।
नरी सेमरी मेला में नौटंकी आज
नरी सेमरी मेला में 28 मार्च को हास्य कलाकार धर्मपाल की नौटंकी का मंचन होगा। मंदिर कमेटी के सदस्य जगदीश पांचाल ने ये जानकारी दी। पूर्व प्रधान अजय सिंह ने बताया कि नरी सेमरी मेला में 28 मार्च को दोपहर दो बजे से कुश्ती दंगल होगा।
महागौरी की झांकी देख सभी मंत्रमुग्ध
कोसीकलां। दुर्गाष्टमी पर शुक्रवार को पथवारी देवी मेला में महागौरी की सवारी निकाली गई। श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।
पथवारी मंदिर पर फूल बंगला की झांकी के दर्शनों को जनसैलाब उमड़ा। गोविन्द शरण कोयला वाले, अमित गर्ग ने आरती उतारी। शाम को महागौरी की सवारी निकाली गई। गयालाल स्मृति भवन से शुरू होकर सवारी नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरती हुई रामलीला मैदान पर समाप्त हुई। रामलीला मैदान में वृंदावन के कलाकारों ने रासलीला का मंचन किया। पथवारी देवी मेले में 28 मार्च को शाम 6 बजे मां दुर्गा, रामदरबार की झांकी का नगर भ्रमण और भगवती मंदिर पर छप्पन भोग के दर्शन होंगे। भगवती मंदिर पर झांकी के जैसे ही पट खुले पूरा मंदिर परिसर भगवती मैया के जयकारों से गूंज उठा। मंदिर के मुख्य द्वार पर भव्य सजावट की गई थी।