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Mathura News: जीतने को पंचायत चुनाव का हर द्वार, भाजपा ने बैठाए पहरेदार

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निर्भय पांडेय - फोटो : mathura
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मथुरा। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की अधिसूचना अभी जारी नहीं हुई है, लेकिन भाजपा ने चुनावी बिसात बिछाना शुरू कर दिया है। चुनावी चक्रव्यूह का हर द्वारा जीतने के लिए भाजपा ने संयोजक के रूप में जिला पंचायत वार्डों और क्षेत्र पंचायतों पर पहरेदार बैठा दिए हैं। अब इन्हीं पहरेदारों के कंधों पर कमल खिलाने की जिम्मेदारी है।
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ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के वार्डों के आंशिक परिसीमन के साथ ही पंचायत चुनाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। चुनाव की अधिसूचना कब जारी होगी, इस बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। इसके बाद भी भाजपा ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। जिले के वरिष्ठ नेताओं को जिला पंचायत वार्डों और क्षेत्र पंचायतों के चुनाव का संयोजक बनाया गया है। जिला पंचायत की अगर बात करें तो इसमें कुल 32 वार्ड हैं, जिसमें भाजपा के संगठनात्मक ढांचे के अनुसार 7 वार्ड महानगर में और 25 वार्ड जिला इकाई में शामिल हैं। इन सभी वार्डों को फतेह करने का जिम्मा पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को बतौर संयोजक दिया गया है। इसी तरह जिले की 10 क्षेत्र पंचायतों में से 2 भाजपा महानगर इकाई में और 8 जिला इकाई में आती हैं। इन सभी में भाजपा के ब्लॉक प्रमुख को जिताने के लिए पार्टी ने संयोजकों को कमान दी है। संयोजक बनाए जाने वालों में पार्टी के पूर्व विधायक के साथ पूर्व और वर्तमान वरिष्ठ पदाधिकारी हैं। उनके निर्देशन में ही जीत की चुनावी रणनीति तैयार होगी।
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पार्टी की नीतियों को पहुंचाने के साथ ही टटोलेंगे जनता का मन
संयोजक अपने-अपने क्षेत्र में पार्टी की नीतियों को पहुंचाने के साथ ही जनता के बीच भी जाएंगे। वे यह टोह लेने की कोशिश करेंगे कि कहीं जनता में कोई नाराजगी तो नहीं है। अगर किसी मुद्दे या प्रत्याशी को लेकर कहीं नाराजगी है तो उसे पार्टी हाईकमान को सूचित कर दूर कराने का प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही क्षेत्र में पार्टी पदाधिकारियों या कार्यकर्ताओं के बीच कोई द्वेष है तो उसे भी दूर कराना संयोजकों की ही जिम्मेदारी होगी।
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क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष और जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर भी भाजपा का कब्जा
2021 में हुए पंचायत चुनाव में भले ही भाजपा सभी 10 क्षेत्र पंचायतों पर काबिज नहीं हो पाई, लेकिन बाद में सभी भाजपा के पाले में आ गए। वहीं जिला पंचायत वार्डों के चुनाव में भी भाजपा 9 सदस्यों के साथ दूसरे नंबर की पार्टी बनकर उभरी थी। बसपा के सर्वाधिक 13 सदस्यों ने जीत दर्ज की थी। इसके बाद भी जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव हुआ तो कई दूसरे दलों और निर्दलीय जीतने वाले जिला पंचायत सदस्य भाजपा के पाले में आ गए। ऐसे में जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर भाजपा से किशन चौधरी ने जीत दर्ज की और वर्तमान में वही इस कुर्सी पर काबिज हैं।
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पार्टी हाईकमान के निर्देशों के अनुसार सभी जिला पंचायत वार्डों और क्षेत्र पंचायतों पर संयोजक नियुक्त किए हैं। सभी संयोजक पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी या पूर्व जनप्रतिनिधि हैं। पंचायत चुनाव में उनकी भूमिका अहम होगी। पंचायत चुनाव में भी भाजपा को जनता का साथ मिलेगा।
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-निर्भय पांडेय, जिलाध्यक्ष भाजपा
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