भारत सरकार ने मथुरा सहित देश के सभी हेरिटेज सिटी की डेवलपमेंट प्रक्रिया की टाइम लाइन फिक्स कर दी है। योजना का औपचारिक शुभारंभ इसी माह के अंतिम सप्ताह में कर दिया जाएगा। अगले दो माह में डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के साथ धनराशि भी जारी कर दी जाएगी।
हेरिटेज सिटी डेवलपमेंट को लेकर शनिवार को दिल्ली में अहम बैठक हुई। इसमें भारत सरकार के दो केन्द्रीय मंत्री एम. वेंकैया नायडू और बाबुल सुप्रियो ने प्रतिभाग किया। मथुरा से डीएम के प्रतिनिधि के तौर पर एमवीडीए के उपाध्यक्ष नगेन्द्र प्रताप और एडीएम प्रशासन धीरेन्द्र प्रताप सिंह शामिल हुए। बैठक में देश और विदेश की अनेक
विशेषज्ञ कंपनियों ने अपने कार्य का प्रेजेंटेशन दिया।
इसी दौरान मोदी सरकार के पहले केन्द्रीय बजट में घोषित हेरिटेज सिटी डेवलपमेंट के लिए टाइन लाइन फिक्स की गई। तय किया गया कि इस साल के अंतिम सप्ताह के दौरान योजना का औपचारिक शुभारंभ कर दिया जाएगा। इसके अगले माह जनवरी के अंतिम सप्ताह तक डेवलपमेंट से सम्बन्धित प्रोजेक्ट भी फाइनल कर दिए जाएंगे। इसमें तय हो जाएगा कि हेरिटेज सिटी में कौन-कौन से प्रोजेक्ट पर काम होगा।
यह तय होते ही एक माह के दौरान सभी शहरों के लिए किस्त के रूप में धनराशि जारी कर दी जाएगी। केन्द्रीय मंत्री ने साफ किया कि प्रोजेक्ट में तय टाइम लाइन का किसी भी सूरत में उल्लंघन नहीं होना है।
गौरतलब रहे कि हेरिटेज सिटी के रूप में उत्तर प्रदेश से सिर्फ मथुरा और बनारस को लिया गया है। हालांकि पूर्व में इस योजना के लिए देश में छह शहर चयनित किए गए थे लेकिन अब इनकी संख्या 11 हो गई है।
केन्द्र सरकार ने हेरिटेज सिटी डेवलपमेंट के लिए टाइम लाइन तय कर दी है। इसके संदर्भ में शनिवार को दिल्ली में बैठक हुई। इसमें विशेष कंपनियों के साथ चर्चा की गई। जल्द ही यह योजना जमीन पर नजर आएगी।
- नगेन्द्र प्रताप उपाध्यक्ष, मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण