जवाहर बाग को खाली कराने के लिए एक-एक कर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की मांग पर पड़ोसी जिलों से तीन कंपनी पीएसी और आ गई है। अब जवाहर बाग के आसपास के इलाके में चप्पे चप्पे पर पीएसी और पुलिस के जवान तैनात हैं। अब तक आठ कंपनी पीएसी तैनात की जा चुकी है।
जवाहर बाग में बीते ढाई साल से 5000 से अधिक कथित सत्याग्रही कब्जा जमाए हुए हैं। इसे खाली कराने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार शिकंजा कस रहे हैं। इसमें अब तक जवाहर बाग के आसपास लाइन का फोर्स, सिटी और देहात के सर्किल के 16 थानों की पुलिस के साथ पांच कंपनी पीएसी के जवान तैनात थे।
इन जवानों को जवाहर बाग के आसपास की बाउंड्रीवाल, जज कालोनी, सदर तहसील, कलक्ट्रेट परिसर, बिजली घर और पुलिस परेड ग्राउंड आदि इलाकों में तैनात किया गया है। रणनीति के तहत अब प्रशासनिक अधिकारियों की मांग पर मेरठ, आगरा और कानपुर से तीन कंपनी पीएसी और आ गई है। बुधवार सुबह तीनों कंपनी पीएसी ने एक साथ आमद कराई।
बिना पानी कब्जाधारियों को होने लगी मुश्किलें
46 डिग्री पारे से तप रही धरती में बिना पानी के जवाहरबाग के कब्जाधारियों क ो जीवन कठिन लगने लगा है। दो सप्ताह पहले से नॉन पेमेंट में बिजली कट जाने और डीजल आपूर्ति बंद होने के बाद अब जवाहर बाग के ट्यूबवेल नहीं चल पा रहे हैं। इससे स्नान, कपड़े धोने और अन्य काम के लिए पानी का अभाव हो गया। सूत्रों के अनुसार परेशानी के चलते कब्जाधारी एक-एक कर जवाहर बाग से पलायन कर रहे हैं।
डीजीपी, प्रमुख सचिव गृह ने दिए निर्देश
जवाहर बाग को खाली कराने के लिए अब शीर्ष अधिकारी पूरे आपरेशन की कमान संभालेंगे। मंगलवार देर रात आगरा में कमिश्नर प्रदीप भटनागर और आईजी जीसी मिश्र के साथ मथुरा के डीएम राजेश कुमार, एसएसपी डा. राकेश सिंह और एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी को डीजीपी जवीद अहमद और प्रमुख सचिव गृह ने वीडियो कॉन्फ्रें सिंग कर पूरे मामले पर निर्देशित किया। डीएम ने बताया कि आने वाले दिनों में कमिश्नर और आईजी तैयारियों का जायजा लेंगे। जरूरत हुई तो और फोर्स और दंगा नियंत्रण के इंतजाम किए जाएंगे।