मथुरा। सर्दी बढ़ने से लोगों के गले में संक्रमण के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन करीब 100 से अधिक मरीज गले में खराश, दर्द, सूजन, खांसी, आवाज बैठने और बुखार जैसी समस्याओं को लेकर पहुंच रहे हैं। इनमें बच्चों, बुजुर्गों के साथ युवा भी बड़ी संख्या में शामिल हैं।
जिला अस्पताल के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. अमिताभ पांडेय ने बताया कि ठंडी हवा के संपर्क में रहने, ठंडा पानी व ठंडी चीजों का सेवन, धूल-धुएं और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता के कारण गले के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। कई मरीजों में संक्रमण बढ़ने के कारण टॉन्सिल और गले में सूजन भी पाई जा रही है। समय पर उपचार न मिलने की स्थिति में संक्रमण ब्रोंकाइटिस या अन्य गंभीर समस्याओं का रूप ले सकता है। मरीजों को दवाइयों के साथ भाप लेने, गुनगुना पानी पीने और कम और धीमा बोलने की सलाह दी जा रही है। उन्होंने बताया कि सर्दी में गले को ढककर रखें, ठंडी चीज और आइसक्रीम खाने से परहेज करें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और धूम्रपान से दूर रहें। सुबह-शाम ठंडी हवा में निकलने से पहले गर्म कपड़े पहनें।