आग बुझाने के लिए पहुंची फायरब्रिगेड की गाड़ियां।
वृंदावन। रुक्मिणी विहार स्थित तीन मंजिला सिद्ध विनायक होटल में आपदा के दौरान किसी तरह के बचाव के उपाय नहीं किए गए। 6 करोड़ रुपये की लागत से बने 24 कमरे के होटल में आग लगने की घटना होने पर बचाव के उपाय न होने पर जहां तीन किशोर झुलसे वहीं एक महिला सहित दो लोग धुंआ की चपेट में आने से बेहोश हो गए। करीब आधे घंटे बाद पहुंची दमकल की छह गाड़ियों ने एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
होटल के समीप सीएनजी फिलिंग स्टेशन पर खड़ी दमकल की गाड़ी ने आग पर काबू पाने और होटल में भरे धुआं को कम करने का प्रयास किया। एफएसएसओ किशन लाल ने बताया कि होटल में तीन मंजिला होटल में आग पर काबू पाने के कोई उपाय नहीं थे। यहां तक कि तीसरी मंजिल से उतरने के लिए का एक ही सीढ़ियों का रास्ता था। धुआं होने पर टॉर्च की मदद से होटल की दूसरी और तीसरी मंजिल पर फंसे करीब दो दर्जन लोगों को रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सुरक्षित निकाला गया। होटल मालिक सुभाष चंद्र अग्रवाल के बेटे शुभम अग्रवाल का कहना है कि जैसे ही आग लगी उन्हें आग बुझाने के सिलिंडरों से आग पर काबू पाने का प्रयास किया।
एक माह बाद होना था उद्घाटन
राया निवासी सुभाष अग्रवाल द्वारा इस होटल को बनवाया गया है। इसका निर्माण कार्य विगत 6 महीनों से चल रहा था। तीन मंजिला होटल के निर्माण में लगभग छह करोड़ से 24 कमरे बनाए गए। आग का तांडव होटल के आगे के हिस्से से लेकर कमरों तक पहुंच गया। धुएं के गुबार से होटल भर गया था। होटल स्वामी ने बताया कि होटल में अभी एक माह का काम बाकी था। होटल का बाकी कार्य चल रहा था। मुहुर्त न निकल पाने के कारण एक माह के बाद मुहुर्त के अनुसार इसका उद्घाटन होना था। इससे पहले उन्होंने परिजन और कुछ रिश्तेदारों को बुलाकर पूजन कराया। इसमें लगभग 40 लोग शामिल हुए। अचानक शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। इसमें तीन बच्चे झुलस गए, एक महिला सहित दो लोग बेहोश हो गए।