कुसुम धनगर ने बताया कि पिता राधेलाल होमगार्ड के पद पर कार्यरत हैं। दादा प्रेम सिंह ने किसी भी मोड़ पर मनोबल टूटने नहीं दिया। तीनों बहनों ने घर पर ही स्वाध्याय कर परीक्षा की तैयारी की। अगस्त 2024 में परीक्षा हुई, चयन होने पर फरवरी में दाैड़ हुई थी। अब 13 मार्च को परीक्षा का परिणाम जारी हुआ। पूजा धनगर व शशि ने बताया कि यह सफलता सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है। तीनों बहनें प्रशासनिक सेवा में जाकर देश की सेवा करना चाहती है। इसके लिए वे तैयारी में जुटी हैं।
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धनगर समाज का गौरव हैं बेटियां
मिशन परिवर्तन धनगर समाज के पदाधिकारियों ने तीनों बेटियों और उनके माता पिता को सम्मानित किया। उन्हें अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा और पदक देकर पुरस्कृत किया। जिला अध्यक्ष डॉ. रमेश चंद धनगर ने कहा कि तीनों बेटियां धनगर समाज का गौरव बनकर उभरी हैं। इस मौके पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष छीतरमल धनगर, उपाध्यक्ष मुरारी लाल धनगर, महामंत्री चंद्रभान धनगर, रामप्रसाद धनगर आदि रहे।
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