मथुरा। पिछले दिनों आगरा के एक निजी अस्पताल में लगी आग के बाद मथुरा का स्वास्थ्य विभाग जाग गया है। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग ने अभियान चलाकर तीन निजी अस्पतालों को सील कर दिया। यह कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग, प्रदूषण एवं फायर सेफ्टी के मानक पूरे न होने पर की गई। विभागीय सूत्रों के अनुसार, चीफ फायर ऑफिसर ने सीएमओ को 66 अस्पतालों की सूची भेजकर पंजीकरण निरस्त करने की संस्तुति की है।
शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी डॉ. मुनीष पौरूष, चीफ फायर ऑफिसर प्रमोद कुमार शर्मा, डॉ. अनुज चौधरी की टीम ने सबसे पहले छटीकरा स्थित पारसमणि हॉस्पिटल पर छापा मारा। यह बिना पंजीकरण संचालित हो रहा था। यहां मरीज भर्ती पाए गए। अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग, प्रदूषण, फायर सेफ्टी आदि विभागों के मानक पूरे नहीं मिले। हॉस्पिटल पर सील करने की कार्रवाई की जबकि अस्पताल में भर्ती मरीजों को दूसरे हॉस्पिटल में शिफ्ट करा दिया गया। इसके बाद टीम गोवर्धन चौराहा छाता पहुंची। यहां गोपाल हॉस्पिटल भी बगैर पंजीकरण संचालित किया जा रहा था। टीम ने इसे भी सील कर दिया। छाता स्थित लाइफ केयर हॉस्पिटल को भी कमियां मिलने पर सील कर दिया गया।