रालोद महासचिव और पूर्व सांसद जयंत चौधरी बुधवार को जिला मुख्यालय पर आयोजित धरने में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर जमकर बरसे। भू-अधिग्रहण बिल संशोधन की मुखालफत करते हुए काला धन वापस लाने की मांग की। साथ ही स्वच्छता अभियान का मखौल उड़ाया। उन्होंने कहा कि 10 लाख के सूट पहनने वाले किसानों का दर्द नहीं जान सकते।
पुलिस लाइन के सामने आयोजित धरने को संबोधित करते हुए जयंत चौधरी ने कहा कि भू-अधिग्रहण संशोधन बिल किसानों के हित का नहीं, उद्योगपतियों के हिसाब से तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि किसान किसी भी कीमत पर भू-अधिग्रहण संशोधन बिल को स्वीकार नहीं करेगा।
आवश्यकता हुई तो इसके खिलाफ सड़कों पर उतर कर आंदोलन किया जाएगा। अभी तो सरकार को इसे लेकर आगाह किया जा रहा है। उन्होंने काला धन के मुद्दे पर नरेन्द्र मोदी के वायदे का मखौल उड़ाते हुए कहा कि क्या हुआ काले धन का। अब तक तो एक पैसा आया नहीं, अब आएगा भी या नहीं।
जयंत चौधरी ने प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान के सहारे मथुरा की सांसद हेमा मालिनी पर भी हमला किया। कहा कि मथुरा में कहां सफाई हो रही है। किस गली और मोहल्ले में पहुंच रही हैं स्वच्छता के लिए सांसद, इसका पता नहीं चल रहा है।
उन्होंने किसानों की पीड़ा से जुड़ते हुए खाद, बीज के साथ सिंचाई के लिए नहर-रजवाह की सफाई न होना, बिजली की आपूर्ति की समस्याओं के लिए राज्य सरकार को घेरा। गोकुल बैराज के मुद्दे पूर्व सांसद ने कहा कि ढाई माह से संचालित आंदोलन के बाद भी किसानों को अब तक मुआवजा नहीं दिया गया है। प्रशासन समझ ले मुआवजे के लिए किसान फिर सड़कों पर उतर सकता है।
इससे पूर्व बलदेव के विधायक पूरन प्रकाश ने कहा कि शासन और प्रशासन एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। किसानों की समस्याओं के प्रति कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
धरने को जिला पंचायत अध्यक्ष अनूप चौधरी, प्रदेश उपाध्यक्ष युनिश कुरैशी, दीपक चौधरी, रामवीर भरंगर, राजपाल भरंगर, आगरा जिलाध्यक्ष ब्रजेश चाहर, नरेन्द्र सिंह एड, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चेतन मलिक आदि ने संबोधित किया। अध्यक्षता आगरा मंडल अध्यक्ष केदार सिंह चौहान ने की।
संचालन राजेन्द्र सिंह सिकरवार ने किया। पूर्व मंत्री तेजपाल सिंह, चारू चौधरी, निरंजन धनगर, हरवीर चौधरी, पवन चतुर्वेदी मौजूद रहे।
शांत रहीं चारू चौधरी
जिला मुख्यालय पर आयोजित धरने में शामिल होने अचानक आईं चारू चौधरी ने संबोधन नहीं किया। वह जयंत चौधरी की मौजूदगी होने के बाद धरना स्थल पर पहुंची और पूरे समय मंच पर ही बैठी रहीं।
कैसे डूबी है ये पार्टी
धरने के दौरान नेताओं के संबोधन के बीच भीड़ में से एक वृद्ध ने उठकर पार्टी की वर्तमान दशा पर ही सवाल खडे़ कर दिए। किसी तरह नेताओं ने वृद्ध को शांत करके बिठाया। उसके समर्थन में अन्य लोग भी आ गए।