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Mathura News: असंख्य दीपों से दमक उठी यमुना, देव दिवाली पर गूंजे वेद मंत्र

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मथुरा। देव-दिवाली महोत्सव के अवसर पर बुधवार को यमुना के घाटों पर आस्था और प्रकाश का अद्भुत संगम देखने को मिला। असंख्य दीपों से सजे घाटों की छटा देखते ही बन रही थी। लहरों पर झिलमिलाते दीपों की रौशनी ने यमुना को मानो स्वर्णिम आभा से भर दिया। कृष्णगंगा घाट से लेकर विश्राम घाट, राजा घाट, ध्रुव घाट तथा यमुना पार के सभी घाटों तक दीपों की श्रृंखलाओं और रंगीन लाइटिंग ने मन मोह लिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों, रासलीला और भजन संध्या ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। नावों में सजी राधा-कृष्ण की झांकियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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मुख्य आयोजन सती बुर्ज राजा घाट पर हुआ। जहां ब्रज के पूज्य संत गोपाल पी से छोटू बाबा और वैष्णव आचार्य परम् पूज्य पंकज बाबा महाराज ने वेद ध्वनि के बीच दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ हुआ। पूरे घाट पर हरि बोल और वैदिक मंत्रों की गूंज वातावरण में आध्यात्मिकता घोलती रही। वैदिक छात्रों ने स्वस्तिवाचन और वैदिक मंगलाचरण किया। महोत्सव समिति के अध्यक्ष पं. सोहनलाल शर्मा, गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी, महामंत्री आचार्य ब्रजेन्द्र नागर, डॉ. हरिकृष्ण भदौरिया, प्रयागनाथ चतुर्वेदी, कामेश्वरनाथ चतुर्वेदी, कन्हैयालाल अग्रवाल (स्वीटी सुपारी), योगेश उपाध्याय आदि पदाधिकारियों ने अतिथियों का स्वागत किया।
जन्मभूमि, श्रीकेशव देव, तुलसी घाट पर जलाए दीप

कार्तिक शुक्ल पूर्णिमा के पुण्य दिवस पर श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर में भव्य दीपदान के साथ देव-दीपावली महोत्सव का आयोजन हुआ। संपूर्ण परिसर दीपों की जगमगाहट से आलोकित हो उठा। सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि पुष्पों और रंगों से बनी रंगोली के मध्य दीपों से सजी जन्मभूमि की शोभा अद्वितीय थी। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो आकाश के नक्षत्र स्वयं पृथ्वी पर उतर आए हों। श्रीअन्नपूर्णेश्वर महादेव, श्रीकेशवदेव महाराज, तुलसी वाटिका और भागवत भवन में दीप मालाओं की छटा ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालु इस दिव्य दर्शन से अभिभूत हो उठे।
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