मथुरा के बलदेव थाना क्षेत्र के गांव हथौड़ा में मंगलवार देर रात महिला को बदमाशों ने गोली नहीं मारी थी बल्कि चचेरे देवर द्वारा बंदूक से कारतूस निकालते समय अचानक गोली चल गई थी। गोली लगने पर महिला की मौत के बाद पुलिस और ग्रामीणों को गुमराह करने के लिए परिजनों ने झूठी कहानी रच दी। पुलिस ने मामले का खुलासा कर दिया है।
गांव हथौड़े की नगरिया निवासी दिनेश उर्फ दीपेंद्र की पत्नी पूजा उर्फ मीना (38) को 16 सितंबर की रात करीब 10.30 बजे गोली लगी थी। इलाज के दौरान 17 सितंबर को सुबह 9.30 बजे आगरा के अस्पताल में उसकी मौत हो गई। मौके पर एसएसपी श्लोक कुमार, एसपी देहात सुरेश चंद्र, सीओ संजीव राय, थानाध्यक्ष रंजना सचान ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। परिजनों ने बताया कि किसी ने दरवाजे पर ईंट मारी, पूजा द्वारा दरवाजा खोलते ही बदमाशों ने उसे गोली मार दी। सीओ संजीव राय व थानाध्यक्ष रंजना सचान के नेतृत्व में पांच टीमें जांच पड़ताल में जुटी थीं। पुलिस ने यमुना एक्सप्रेस-वे अन्य मार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरे खंगालें तो बदमाशों की कोई फुटेज नहीं मिलीं। पुलिस ने मामले में 24-25 लोगों से पूछताछ की और मामले की तह तक पहुंच गई।
पुलिस की पूछताछ में चचेरे देवर कुमरपाल ने बताया कि वह 12 बोर की लोडेड बंदूक से कारतूस निकाल रहा था। इस दौरान घर के मुख्य दरवाजे पर कुमरपाल की पत्नी चंचल, उनकी मां महादेवी व पूजा का देवर सुरेश खड़े हुए थे। अचानक कुमरपाल के हाथ में लगी बंदूक से गोली चल गई, जो सीधे हाथ पूजा के हाथ की दो उंगलियों व सीधी पैर की जांच में लगी। परिजन उसे पहले बलदेव में निजी अस्पताल ले गए, वहां से सीएचसी बलदेव और फिर आगरा ले गए, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। सीओ ने बताया कि कुमरपाल से पूछताछ जारी है।