वृंदावन। आगरा मंडल के एकमात्र आउटडोर क्रिकेट स्टेडियम की सूरत अब बदलने जा रही है। मथुरा-वृंदावन नगर निगम अब स्टेडियम के सौंदर्यीकरण व जीर्णोद्धार पर पांच करोड़ रुपये खर्च करेगा। मैदान को फिर से खिलाड़ियों के खेलने के लिए तैयार किया जाएगा। मैदान की पुरानी गरिमा लौटाई जाएगी।
करीब 50 लाख रुपये की लागत से वर्ष 2006-07 में इस स्टेडियम का निर्माण कराया गया था। इसे आगरा मंडल का इकलौता ऐसा स्टेडियम माना जाता था, जहां स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी अभ्यास और प्रतियोगिताओं के लिए आते थे। यहां तक कि रात्रिकालीन मैचों के लिए हाईमास्क लाइटें भी लगाई गई थीं, जिनकी रोशनी में दो नाइट मैच भी खेले जा चुके हैं। कभी क्रिकेट प्रेमियों की धड़कन रहा यह स्टेडियम आज बदहाल है। मैदान में जगह-जगह गहरे गड्ढे हो गए हैं। दोनों पवेलियन भी बदहाली पर आंसू बहा रहे है।
वृंदावन जोनल कार्यालय के अपर नगरायुक्त सीपी पाठक ने बताया कि नगर निगम ने स्टेडियम सुधार के लिए 5 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। अब यहां दो नए पवेलियन का निर्माण किया जाएगा, मैदान में नई हरी घास बिछाई जाएगी। पिच को नए सिरे से तैयार किया जाएगा तो बाउंड्री, दर्शकदीर्घा और लाइटों का भी को नए सिरे से तैयार किया जाएगा।
कई खिलाड़ियों ने दिखाया है इसी मैदान पर कौशल
यहां सनथ जयसूर्या, सुरेश रैना, मोहम्मद कैफ, आरपी सिंह, रवि कालरा, विजय यादव और अंश द्विवेदी जैसे अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय खिलाड़ी अपने कौशल का प्रदर्शन कर चुके हैं। यह मैदान 2007 और 2008 में रणजी ट्रॉफी मुकाबलों की मेजबानी भी कर चुका है। एक बार यहां वृंदावन और श्रीलंका की टीम के बीच मैच खेला गया था, जिसमें बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला भी पहुंचे थे।