फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mathura News: मंत्री के आदेश पर पीड़ित की जमीन और खेत की हुई पैमाइश

विज्ञापन
मथुरा। पीड़ित परिवार की कब्जाई जमीन की पैमाइश करती राजस्व विभाग की टीम। - फोटो : mathura
विज्ञापन
मथुरा। गांव करनावल में अनुसूचित जाति के दुल्हनों और बरातियों को पीटने के मामले में पुलिस लगातार कार्यवाही कर रही है। यहां दबंग पिछले काफी समय से अनुसूचित समाज पर अत्याचार करते चले आ रहे हैं। पिछले 8 साल से हमलावरों में एक दबंग परिवार ने पीड़ित परिवार का एक बीघे खेत पर कब्जा कर रखा था। इस मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया।
विज्ञापन

बुधवार को गांव करनावल पहुंचे समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने खबर का संज्ञान लिया। साथ ही जिलाधिकारी को दबंगों के कब्जे से पीड़ित की जमीन को कब्जा मुक्त कराने के आदेश दिए। डीएम ने भी मौके ही तहसीलदार को जमीन की पैमाइश कर जमीन कब्जा मुक्त कराने के आदेश दे दिए। डीएम के आदेश पर बुधवार को ही तहसीलदार, कानूनगो, लेखपाल पीड़ित के साथ खेत पर गए। यहां उन्होंने पीड़ित के खेत के पास बने मकान और खेत की पैमाइश की। बुधवार को पैमाइश पूरी नहीं हो पाई। इसलिए बृहस्पतिवार को पुनः पैमाइश होगी।
कानूनगो श्याम सुंदर कौशिक ने बताया कि गौशाला में पीड़ित का एक मकान बना है। यह पट्टे की जमीन है। पीड़ित के अनुसार बसपा सरकार में उसके पिता के नाम सरकार ने 0.372 हेक्टेयर जमीन का पट्टा किया था। इसमें से कुछ जमीन पड़ोस में रहने वाले दबंगों ने दबा ली है। मौके पर तहसीलदार सौरभ यादव के नेतृत्व लेखपाल आकाश और मुकेश कुमार ने पट्टे की जमीन की पैमाइश की। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को पैमाइश पुनः की जाएगी।
विज्ञापन




कब्जा किए खेत में खड़ी है दबंगों की फसल
पीड़ित के एक बीघा खेत को पिछले आठ साल से दबंग जोत रहे हैं। वही उसमें होने वाली फसल को काटते हैं। डीएम के आदेश के बाद खेत की भी पैमाइश की गई। वर्तमान में खेत में गेहूं की फसल खड़ी हुई है। पैमाइश में यदि साबित हो कि खेत पीड़ित परिवार की है तो खेत के साथ उसे फसल भी मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें