प्रधानमंत्री के जाने के बाद दीनदयालधाम के वाशिंदे संतुष्ट नहीं हैं। बताया गया है कि प्रधानमंत्री को दिखाई गई डाक्यूमेंटी में दीनदयालधाम का सच नहीं दिखाया गया। ऐसे में बड़ा सवाल है कि गांव का विकास कैसे होगा।
पूर्व प्रधान मक्खन लाल का कहना है कि स्मारक में सभी से कहा गया था कि पीएम से कुछ कहना नहीं है। प्रधान के पति गिरधारी लाल का कहना है कि स्मारक समिति के लोगों ने प्रधानमंत्री को डाक्यूमेंट्री दिखाई लेकिन इसमें दिखाए गए तीन तालाब, गोशाला की गाय वृंदावन की हैं।
गांव में तालाब नहीं हैं और जो गोशाला है उसमें सिर्फ पांच-छह गाय हैं। डॉ. बच्चू सिंह ने बताया कि महिलाओं को आरओ वाटर लाते हुए दिखाया गया है, जबकि गांव वालों के लिए पानी टैंकर से आता है। आरओ का पानी कर्मचारियों के लिए है।
नवयुवक मंडल ने की नारेबाजी
गांव के नवयुवक मंडल ने गलत रिपोर्ट पेश करने पर रोष जताया। स्मारक समिति के खिलाफ लोगों ने जमकर नारेबाजी की। मंडल अध्यक्ष सुनील पाठक ने बताया कि स्मारक में सभी लोगों को गुमराह कर गांव के विकास को रुकवाया है। प्रधानमंत्री को गांव की समस्याओं से अवगत करया जाता तो विकास की उम्मीद होती। इस मौके पर वीके शुक्ला, सुरेश, ताराचंद, भूदेव, विजय, महेश आदि मौजूद थे।