साइबर ठगी के लिए बदनाम हो चुके गांवों के साइबर ठगों ने धोखाधड़ी से संपत्ति अर्जित करने के बाद दिल्ली व एनसीआर में नया ठिकाना बना लिया है। गांव छोड़कर दिल्ली व एनसीआर में बड़े-बड़े आशियाने बनाकर ठग देश-दुनिया में सिंडिकेट फैला रहे हैं और लोगों को झांसे में लेकर धोखाधड़ी कर रहे हैं। मथुरा पुलिस की नजर से बचने के लिए ठगों ने यह नया पैंतरा अपनाया है।
ये ठग गोवर्धन क्षेत्र में यूपी व राजस्थान की अंतरराज्यीय सीमा का फायदा उठाकर पल-पोस रहे हैं। मथुरा पुलिस के शिकंजे से बचने के लिए ये ठग चंद मिनटों में सीमा लांघकर राजस्थान व हरियाणा की सीमा में पहुंच जाते हैं। गोवर्धन की सीमा से सटे राजस्थान के गांवों में भी ठगों ने बड़े-बड़े आशियाने बना रखे हैं। यहां तक कि करोड़ों रुपये की कीमती कारें भी इनके पास हैं।
बीते दिनों देवसेरस गांव में हुई शादी में राजस्थान के डीग अगरावली-कामां से बरात आई थी। इसमें दर्जनों थार और एक डिफेंडर समेत अन्य कारों से बराती आए थे।
हालांकि सर्च ऑपरेशन के बाद पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है। इधर, दिल्ली व एनसीआर में बड़े-बड़े आशियानो में बैठकर ठग देश-दुनिया में सिंडिकेट फैला रहे हैं। थाईलैंड, सऊदी अरब, नाइजीरिया, समेत अन्य देशों से तार जुड़े हैं। सर्च ऑपरेशन के बाद फिलहाल पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है।
राजस्थान के डीग कोतवाली पुलिस करेगी सहयोग
साइबर ठग गोवर्धन के राजस्थान व यूपी सीमा सटे खेतों में बैठकर जालसाजी करते हैं। पुलिस जैसे ही पकड़ने जाती तो वह भागकर राजस्थान की सीमा में घुस जाते हैं। हालांकि पुलिस ने ठगों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। आरोपियों को पकड़ने के लिए सीमा से सटे राजस्थान के डीग कोतवाली पुलिस से संपर्क किया है। डीग के भीलमका गांव में सबसे ज्यादा साइबर ठग रहते हैं। यह गांव सीमा से लगा हुआ है। अधिकतर ठगों ने इसी गांव को ठिकाना बनाया है।