मथुरा। रिफाइनरी में जब-जब आगजनी या अन्य किसी प्रकार की घटना होती है रिफाइनरी से तेज आवाज में सायरन बजने लग जाता है। इससे स्थानीय लोगों को पता चल जाता है कि रिफाइनरी में कुछ हुआ है और वह सतर्क हो जाते हैं। मंगलवार की शाम को पहले तेज धमाके की आवाज कई किमी दूर तक गई और फिर तेज सायरन बजने लगा। इसकी आवाज सुनते ही कई किमी एरिया में रहने वाले लोगों में हड़कंप मच गया। सभी दहशत में आ गए।
रिफाइनरी क्षेत्र में आसपास की कॉलोनियां में रिफाइनरी में काम करने वाले या सेवानिवृत्त लोग रहते हैं। धमाके के बाद जब उन्होंने काफी देर तक तेज आवाज में सायरन की आवाज सुनी तो वह अपने-अपने स्तर से रिफाइनरी में हुए तेज धमाके के बारे में जानकारी करने में जुट गए। कुछ लोग उधर ही दौड़े। जिनके परिवार के लोग रिफाइनरी में काम करते हैं, उनके तो होश ही उड़ गए। सभी ने उधर का ही रुख किया। कदंब बिहार में रहने वाले संदीप अग्रवाल ने बताया कि मंगलवार की शाम को तेज आवाज के धमाका हुआ।
इसके बाद रिफाइनरी का सायरन बजने लगा। वैसे तो रोजाना सुबह सायरन बजता है, लेकिन मंगलवार को बार-बार सायरन बजने से यह स्पष्ट हो गया कि रिफाइनरी में कुछ न कुछ हुआ है। इसके बाद एंबुलेंस की आवाज गूंजने लगी। लोगों को जानकारी हुई कि रिफाइनरी में आग लगी तो वह भयभीत हो गए। कितने लोग झुलसे हैं इसकी जानकारी के लिए कुछ लोग रिफाइनरी नगर के अस्पताल पहुंचे, लेकिन गार्ड ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। अस्पताल जाने वालों में वह लोग भी शामिल थे जिनके परिजन आग में झुलसे हैं। जब रिफाइनरी प्रबंधन को जानकारी हुई कि उनके परिजन रिफाइनरी नगर के गेट पर हंगामा कर रहे हैं तब उन्हें अंदर जाने दिया।
झुलसे में चार लोग हैं स्थानीय
रिफाइनरी के प्लांट में लगी आग में झुलसे लोगों में चार लोग स्थानीय हैं। हरिशंकर, अजय शर्मा कोयला के रहने वाले हैं, जबकि मूलचंद गायत्री नगर और भोलू उर्फ सूखा गांव बेरी का रहने वाला है। इसके परिजनों को जानकारी हुई तो वह रिफाइनरी नगर अस्पताल पहुंच गए। यहां उन्हें केवल इतना बताया गया कि आग लगने के कारण उनके परिजन झुलस गए हैं।
कौन कितना झुलसा है इसका किसी ने स्पष्ट जवाब नहीं दिया। इसको लेकर स्थानीय लोगों में रिफाइनरी प्रबंधन के प्रति आक्रोश भी था। अजय के भाई पुष्पराज ने बताया कि उसने कई बार अधिकारियों से जानने की कोशिश की, लेकिन उसके भाई के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। उसे तो यह भी नहीं पता कि उसका भाई कितना झुलसा है।
आग लगने के कारण 20 से 50 प्रतिशत से अधिक झुलसे हैं
मथुरा। प्लांट में आग लगने के कारण जो लोग झुलसे हैं उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। रिफाइनरी की जनसंपर्क अधिकारी रेनू पाठक ने भी बताया कि आग के कारण 20 से 50 प्रतिशत तक लोग झुलसे हैं। जो लोग गंभीर रूप से झुलसे हुए हैं उन्हें दिल्ली के लिए रेफर किया गया है। जबकि दो लोग कम झुलसे हैं उनका रिफाइनरी नगर में इलाज कराया जा रहा है।