शौर्य यात्रा में गदा लहराकर जय श्रीराम के नारे लगाते बजरंगी। संवाद
मथुरा। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की ओर से कड़ी सुरक्षा के बीच रविवार को शौर्य यात्रा निकाली गई। बैंडबाजों के साथ श्रीराम और हनुमान जी की झांकियों के साथ जयश्रीराम के जयकारों के साथ निकाली शौर्य यात्रा का जगह-जगह पुष्पवर्षा करके स्वागत किया गया।
शौर्य दिवस के उपलक्ष्य में रविवार को वेद मंदिर पर सुबह से ही हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं का हाथों में भगवा ध्वज लिए पहुंचना शुरू हो गया। यहां पुलिस और पीएसी की तैनाती रही। वेद मंदिर (मसानी चौराहा) से शौर्य यात्रा को आचार्य देवकीनंदन ठाकुर ने झंडी दिखाकर रवाना किया। यात्रा लाल दरवाजा, चौक बाजार, स्वामी गाट, छत्ता बाजार, होलीगेट, भरतपुर गेट होते हुए डीगगेट अंगूरी वाटिका पर संपन्न हुई। इस मौके पर देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने अपनी श्रद्धा, अपने इतिहास और अपनी पहचान को बचाने के लिए बहुत संघर्ष किए हैं। उनके संघर्षों और योगदान को हम हमेशा याद रखेंगे। उन्होंने कहा कि सिर्फ एक स्थान पाकर खुश हो जाना पर्याप्त नहीं है। हमारे पूर्वजों ने जो कुछ खोया है, वह बहुत बड़ा है। इसलिए समाज को अपनी विरासत और अपनी परंपराओं को समझते हुए आगे बढ़ने की जरूरत है।
भाईचारे की बात करते हुए देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि भाईचारा तभी संभव है, जब दोनों पक्ष समान भावना से आगे बढ़ें। आजकल के लोग भाईचारे का सही अर्थ भी नहीं समझते। समाज में सम्मान और सौहार्द बनाना हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसी भी पवित्र छवि या धार्मिक प्रतीक का अनादर करना उचित नहीं है। ऐसी घटनाएं समाज को बांटती हैं और सांप्रदायिक तनाव बढ़ाती हैं।
उनका उद्देश्य किसी समुदाय को आहत करना नहीं बल्कि समाज में जागरूकता फैलाना है। हमारे यहां रसखान और अब्दुल कलाम जैसे कई महान लोगों का सम्मान किया गया है। हमें हमेशा इसी भावना को आगे बढ़ाना चाहिए। देश की एकता, संस्कृति और सम्मान को बनाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। इस दौरान होलीगेट, भरतपुर गेट सहित कई स्थानों पर लोगों ने यात्रा का स्वागत किया। विहिप के महानगर अध्यक्ष कन्हैयालाल अग्रवाल, गोकलेश गौतम, नितिन चौधरी, शुभम शर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।