श्रीबांकेबिहारी मंदिर में दर्शन का समय बढ़ाने को लेकर असमंजस की स्थिति है। जहां एक ओर कमेटी ने मंगलवार से ही समय बढ़ाने का आदेश जारी किया तो वहीं बुधवार को सेवायतों ने ऐलान कर दिया कि वह किसी भी सूरत में दर्शन समय बढ़ाने को लेकर नहीं झुकेंगे। दूसरे दिन भी मंदिर में पुराना समय ही लागू किया गया। नए समय के हिसाब से कुछ नहीं हुआ।
गोस्वामियों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने जब साफ शब्दों में कहा है कि कमेटी पूजा पद्धति में हस्तक्षेप नहीं करेगी तो कमेटी जबरन ऐसा क्यों कर रही है। गोस्वामी समाज अपने ठाकुरजी के आराम में खलल नहीं पड़ने देगा। समय बढ़ने से केवल उनके आराम में खलल हो रहा है। नीलम गोस्वामी का कहना है कि कमेटी को दर्शन समय में परिवर्तन करने से पहले एक बार सभी गोस्वामियों की राय ले लेनी चाहिए थी। चार सेवायतों से पूछकर फैसला किया, जिसमें एक ने तो दबाव बनाने तक के आरोप लगा दिए। यह ठीक नहीं है।
सेवायत समाज एकजुट होकर इस आदेश का विरोध कर रहा है और आगे भी करता रहेगा। वहीं आंनदबिहारी छोटू गोस्वामी ने कहा कि समय को लेकर हाईकोर्ट का स्टे होने के बाद कमेटी ने समय बढ़ा दिया, यह उचित नहीं है। न्यायालय का तो सम्मान करना चाहिए।
एलआईयू हुई सक्रिय, शासन को भेजेगी रिपोर्ट
श्रीबांकेबिहारी मंदिर में दर्शन समय में परिवर्तन को लेकर चल रहे ऊहापोह की स्थिति को भांपते हुए एलआईयू भी सक्रिय हो गई है। वह पूरी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी। कमेटी के आदेशों का पालन मंदिर में नहीं किया जा रहा है। वहीं गोस्वामी समाज मुखर है और वह किसी भी सूरत में बदले समय को लागू नहीं होने दे रहा है।