मथुरा। यमुना एक्सप्रेस-वे पर बलदेव स्थित माइल स्टोन 127 पर हुई भीषण दुर्घटना की जांच जिला प्रशासन द्वारा गठित कमेटी ने तैयार की है, लेकिन अब तकनीकी पहलुओं को शामिल करने के लिए दो अन्य टीमों की जांच के तथ्यों को भी शामिल किया जाएगा। इन तथ्यों को शामिल करके ही विस्तृत रिपोर्ट तैयार होगी।
जिला प्रशासन की ओर से गठित समिति में अध्यक्ष एडीएम प्रशासन अमरेश कुमार, एसपीआरए सुरेशचंद्र रावत, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग गुलवीर सिंह, एआरटीओ राजेश राजपूत, एक्सप्रेस वे अथॉरिटी के महाप्रबंधक राजेंद्र सिंह भाटी, जेपी इंफ्राटेक के आनंद सिंह शामिल हैं। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट तैयार करके सौंप दी है। इसमें हादसे के कारणों और एक्सप्रेस-वे की खामियों को जिम्मेदार ठहराया गया है। समाधान भी सुझाए हैं।
इसके अलावा तकनीकी जांच के लिए मानेसर की रोड सेफ्टी इंस्टीट्यूट की टीम, दिल्ली के सेव लाइफ फाउंडेशन की तकनीकी विशेषज्ञों की टीम और फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल पर 24 घंटे तक जांच की है। इसमें हादसे के समय सुबह करीब चार बजे से लेकर देर रात तक वाहनों की रफ्तार, कोहरे का प्रभाव, सड़क की खामियों सहित सभी बिंदुओं पर जांच की है। इसके साथ ही वाहनों में आग लगने का कारण, आग इतनी तेजी से कैसे फैली, क्षतिग्रस्त हुए वाहनों की जांच भी की गई है। कहीं किसी बस में तो कोई बड़ी खामी नहीं थी, जिसके कारण आग तेजी से फैली। इसके साथ ही डबल डेकर बसों की डिक्की की जांच भी की गई है। सेव लाइफ फाउंडेशन की टीम ने हादसे के दौरान वाहनों के टकराने की गति सहित कई बिंदुओं को परखा है। टायरों को भी सड़क पर चलाकर देखा है। तकनीकी दलों की रिपोर्ट भी लगभग तैयार हो चुकी है। जांच कमेटी के सदस्य एसपीआरए सुरेशचंद्र रावत ने बताया कि जांच रिपोर्ट में तकनीकी दलों के तथ्यों को भी शामिल किया जा रहा है। ताकि भविष्य में हादसों की रोकथाम के लिए विस्तृत प्लान तैयार किया जा सके।
मांट टोल प्लाजा पर टीमें तैनात, कर रहीं चालान
मथुरा। हादसे के बाद मांट टोल प्लाजा और एक्सप्रेस-वे पर प्रमुख स्थानों पर पुलिस की टीमें तैनात कर दी गई हैं। जोकि निर्धारित से अधिक रफ्तार से दौड़ने वाले वाहनों को वहीं रोककर चालान कर रही हैं। ताकि कोहरे में हादसों से बचा जा सके। टीमें रात से भोर तक चालान करके वाहनों को सुरक्षित सफर करने के लिए प्रेरित कर रही हैं।