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Mathura News: सुप्रीम कोर्ट के 15 मई के आदेश के बाद शुरू हुआ था याचिकाओं का दौर

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वृंदावन। श्री बांकेबिहारी कॉरिडोर और न्यास के मामले में सुप्रीम कोर्ट के 15 मई के आदेश के बाद मंदिर के सेवायतों में खलबली मच गई थी। फैसले के विरोध में सेवायतों ने भी सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई और अब बिहारी जी की कृपा से कोर्ट में उनकी बातों को सुनकर सरकार के अध्यादेश सहित कॉरिडोर पर अस्थायी रोक लगा दी गई है।
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दरअसल, साल 2022 में जन्माष्टमी को श्री बांकेबिहारी मंदिर में भगदड़ हुई, जिसमें दो श्रद्धाुलओं की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। उसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह की अध्यक्षता में एक टीम गठित कर जांच के आदेश दिए। टीम ने जांच की और रिपोर्ट में भविष्य में कॉरिडोर बनाने की बात कही। रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार सुप्रीम कोर्ट गई और 15 मई को सुप्रीम कोर्ट ने कॉरिडोर को मंजूरी देते हुए मंदिर की कोष को विकास में लगाने का भी आदेश दिया। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 26 मई 2025 को अध्यादेश पारित किया। जिसमें मंदिर न्यास के गठन को लेकर नियम बनाए गए।
अध्यादेश के हिसाब से कहा गया कि मंदिर का प्रबंधन न्यास संभालेगा, जिसमें 11 सदस्य होंगे। इसमें दो सेवायतों को शामिल किया जाएगा। जबकि सात सदस्य पदेन हो सकते हैं। इसके खिलाफ 27 मई को देवेंद्र गोस्वामी, अमरनाथ गोस्वामी, हिमांशु गोस्वामी और रजत गोस्वामी ने सुप्रीम कोर्ट में अलग-अलग याचिका दाखिल की।
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