वृंदावन। श्रीबांकेबिहारी मंदिर में मेरठ की एजेंसी द्वारा पीछे के चौक में लगाई स्टील की रेलिंग को शुक्रवार रात हटा दिया गया। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए मिली खामियों के साथ ही तकनीकी सुधार के बाद फिर से इन रेलिंग लगाई जाएगी। श्रीबांकेबिहारी मंदिर हाई पावर्ड कमेटी के सदस्य के निरीक्षण के बाद ये फैसला लिया गया। रेलिंग की डिजाइन में बदलाव और सुधार करने के बाद फिर से इन्हें लगाया जाएगा।
श्रीबांकेबिहारी मंदिर में भीड़ नियंत्रण के साथ श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित दर्शन कराने के लिए मंदिर हाई पावर्ड कमेटी के अध्यक्ष अशोक कुमार के निर्देश पर आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों की टीम के सर्वे किया था, जिसके बाद मंदिर में रेलिंग लगाने का कार्य शुरू हुआ। मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण द्वारा बनाए गए नक्शे के बाद मेरठ की कार्यदायी संस्था कनिका कंस्ट्रक्शन ने लोक निर्माण विभाग और मंदिर प्रबंधन की निगरानी में रेलिंग का काम शुरू किया। मंदिर के प्रवेश द्वार तीन से लेकर पीछे के चौक में रेलिंग लगाई गईं। हाई पावर्ड कमेटी के सदस्य दिनेश गोस्वामी ने रेलिंग व्यवस्था का जायजा लिया। इसमें उन्होंने कई तकनीकी खामियां पाईं, जिसके बाद पीछे के चौक में लगी रेलिंग को शुक्रवार रात हटाया गया।
श्रीबांकेबिहारी मंदिर के सेवायत एवं हाई पावर्ड कमेटी के सदस्य दिनेश गोस्वामी ने बताया कि रेलिंग में कई तकनीकी खामियां देखी गईं हैं। रेलिंग की डिजाइन में भी बदलाव किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए सुधार किया जाएगा। रेलिंग में लगी क्लिप के बीच का गैप भी खत्म किया जाएगा। रेलिंग में दो पाइप लगे हैं। जबकि इसमें तीन पाइप लगने हैं। इसके अलावा चार इंच का बुश पर्याप्त है, जबकि इसमें 12 इंच की रेलिंग को जोड़ने के लिए बुश लगा है। इस तरह के सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि जो रेगिंल बन गईं हैं, उनमें सुधार कर फिर से लगाया जाएगा।