मथुरा। पंचायत निर्वाचन के लिए बिसात बिछने लगी हैं। इस बार पंचायत निर्वाचन के लिए मतदाता सूचियों के सत्यापन का काम चल रहा है। अभी तक 2.31 लाख मतदाताओं का ही सत्यापन हो सका है। 5.21 लाख मतदाताओं का पुन: सत्यापन किया जा रहा है। जिले में पंचायत चुनाव में 13.22 लाख मतदाता हैं। सत्यापन में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई हैं।
इस साल होने वाले पंचायत चुनाव की तैयारियों के लिए पंचायत चुनाव की मतदाता सूची के सत्यापन में कई तरह की गड़बड़ियां सामने आईं। निर्वाचन कार्मिकों ने बताया कि सत्यापन में कई मतदाता ऐसे मिले, जिनके नाम सूची में 10 बार से अधिक दर्ज पाए गए। जिले की 995 ग्राम पंचायतों में घर-घर जाकर सत्यापन किया गया। इसमें सैकड़ों मतदाता ऐसे पाए गए हैं, जोकि बरसों पहले अपना गांव छोड़कर दूसरे स्थानों पर बस चुके हैं। जहां निवास कर रहे हैं, वहां के मतदाता हैं और वहां सरकारी सुविधाओं का उपभोग भी कर रहे हैं। इसके अलावा अपने पैतृक गांव की सूची में भी उनके नाम हैं और वह मतदान करने के लिए गांवों में पहुंचते हैं। ऐसे में करीब साढ़े पांच लाख मतदाताओं के दोबारा सत्यापन का कार्य किया जा रहा है। बड़े पैमाने पर संशोधन के लिए फॉर्म मांगे जा रहे हैं। छह मार्च को पंचायत चुनाव की अंतिम सूची भी जारी की जानी है। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूची के सत्यापन का कार्य किया जा रहा है। विसंगतियों को दूर करके शुद्ध और त्रुटिरहित मतदाता सूची के मुताबिक आगामी चुनाव संपन्न कराए जाएंगे।
एसआईआर: कट गए नाम, अब जुड़वाने की कवायद
मथुरा। मतदाता गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) में अब मतदेय स्थलों पर बीएलओ के पास एसआईआर में नाम कटने के बाद नए सिरे से नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म ले रहे हैं। उप जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. पंकज वर्मा ने बताया कि काफी संख्या में ऐसे भी लोग आए हैं, जोकि पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इसके लिए हर विधानसभा क्षेत्र में फॉर्म छह, सात और आठ लिए जा रहे हैं। भरकर जमा भी कराए जा रहे हैं। इसके अलावा संशोधन कराने वालों की संख्या भी खासी है। जिन मतदाताओं ने अपने फॉर्म में कमियां छोड़ी हैं, उन्हें नोटिस भी दिए गए हैं।