मथुरा। आज राष्ट्रीय जागरूकता कैंसर दिवस मनाया जा रहा है। वहीं जिले में न तो कैंसर के उचित इलाज के लिए कोई व्यवस्था है और न ही लोगों को बीमारी से बचाव की जानकारी देने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कोई योजना बनाई है। जिले में मात्र डॉ. शीला देवी मेमोरियल हॉस्पिटल में मरीजों की जांच और उपचार की व्यवस्था है। जहां कैंसर मरीजों की ओपीडी संख्या लगातार बढ़ रही है। जबकि जिला अस्पताल में इलाज तो दूर की बात है, जांच तक की व्यवस्था नहीं है।
जिले में कैंसर के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। कैंसर की चपेट में प्रत्येक आयु वर्ग के महिला-पुरुष आ रहे हैं। कुल मरीजों की संख्या में 45 प्रतिशत अकेली महिलाएं हैं, जिनमें ज्यादातर सर्वाइकल कैंसर से पीड़ित हैं। डॉ. शीला शर्मा मेमोरियल चैरिटेबल कैंसर संस्थान की डिप्टी डायरेक्टर डॉ. भावना शर्मा ने बताया कि सर्विक्स, जो योनि और गर्भाशय को जोड़ता है, उसमें होने वाले कैंसर को सर्वाइकल कैंसर कहा जाता है। सर्विक्स के सेल्स, प्रोकैंसरस सेल्स में परिवर्तित होने लगते हैं। यानि ऐसे सेल्स जो आगे चलकर कैंसर में बदल सकते हैं। उन्होंने बताया कि साल दर साल कैंसर के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। वर्ष 2025 में 5 नवंबर तक 13967 मरीजों की ओपीडी संस्थान में हो चुकी है।
जिले में यदि डॉ. शीला देवी मेमोरियल संस्थान को छोड़ दिया जाए तो स्वास्थ्य विभाग के पास जांच और उपचार की कोई अन्य व्यवस्था नहीं है। यहां तक कि जिला अस्पताल में भी कैंसर की जांच की कोई व्यवस्था नहीं है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. नीरज अग्रवाल ने बताया कि कैंसर के इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है। यही कारण है कि जिले में कैंसर रोगियों के आंकड़े स्वास्थ्य विभाग के पास उपलब्ध नहीं है।
डॉ. शीला शर्मा मेमोरियल हॉस्पिटल में कैंसर रोगियों की ओपीडी
2020 में 5678
2021 में 7515
2022 में 10276
2023 में 10277
2024 में 14382
2025 में 13967 (1 जनवरी से 5 नवंबर तक)