मथुरा। ठाकुर श्रीबांकेबिहारी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को अब वृंदावन की गलियां और सड़कें चमचमाती हुईं नजर आएंगी। इसके लिए नगर निगम ने मन बना लिया है। लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से सराबोर वृंदावन में अब निगम स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सफाईकर्मियों की संख्या दोगुने से भी अधिक करने जा रहा है। इस पर निगम प्रतिमाह एक करोड़ रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त खर्च करेगा।
हर दिन वृंदावन में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। यह संख्या कई बार एक दिन में एक लाख का भी आंकड़ा पार कर जाती है। पूरे देश के साथ ही विदेश से भी श्रद्धालु यहां अपने सांवरे के दर्शन के लिए आते हैं। ऐसे में वृंदावन की गलियों और सड़कों को स्वच्छ रखना सबसे बड़ी चुनौती है। निगम द्वारा वर्तमान में वृंदावन में 467 सफाईकर्मियों की तैनाती की गई है। लेकिन, अब यह संख्या कम पड़ने लगी है। ऐसे में निगम ने वृंदावन को स्वच्छ बनाने के लिए नया प्रस्ताव पास किया है। इसके तहत अब वृंदावन में एक हजार सफाईकर्मियों को तैनात किया जाएगा।
ये सफाईकर्मी ठाकुरजी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ वृंदावन का अहसास कराएंगे। गलियों और सड़कों पर न तो कहीं कूड़े के ढेर नजर आएंगे और न ही ओवरफ्लो नालियां उनकी परेशानी बढ़ाएंगी।
इस पर निगम को करीब 84 लाख रुपये वेतन के रूप में तथा 20 लाख रुपये सफाई सामग्री पर प्रतिमाह अतिरिक्त खर्च करना होगा। इससे देश भर से आने वाले श्रद्धालुओं के मन में वृंदावन की छवि उतनी ही सुंदर होगी, जितनी उनके हृदय में ठाकुर जी की है। यह प्रस्ताव पास होने के बाद निगम ने तैयारी शुरू कर दी हैं।
नंगे पांव आने वाले श्रद्धालु होते हैं परेशान
वृंदावन में आने वाले अधिकांश श्रद्धालु आस्था के चलते यहां की कुंज गलियों में नंगे पांव ही भ्रमण करते हैं। उनकी आस्था है कि कभी यहां भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी ने स्वयं अपने कदम रखे होंगे। ऐसे में यहां की मिट्टी में चलकर उनके चरण धन्य हो जाते हैं। नंगे पांव चलने के दौरान कई बार सड़कों और गलियों पर बिखरा कूड़ा और नालियों से सड़कों पर बहता पानी उनकी आस्था को झकझोर कर रख देता है। इससे वे परेशान हो जाते हैं। व्यवस्था बदलने से श्रद्धालुओं को भी राहत मिलेगी।
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-वृंदावन आज देश ही नहीं पूरी दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आस्था का बड़ा केंद्र है। ऐसे में निगम ने यहां बेहतर साफ-सफाई सुनिश्चित करने और वृंदावन को एक बेहतर छवि देने के लिए विशेष निर्णय लिया है। इसके तहत यहां सफाईकर्मियों की संख्या एक हजार की जाएगी। इससे हर गली और सड़क को स्वच्छ बनाया जा सकेगा।
-जगप्रवेश, नगर आयुक्त, नगर निगम