उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना फर्जी वसीयत कर अवैध कब्जा करने वालों को बचाने के आरोप में फंसे हुए हैं। इस मामले में दायर याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई।
वृंदावन स्थित आश्रम की फर्जी वसीयत कर अवैध कब्जा करने वालों को बचाने के आरोप में प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के खिलाफ दायर याचिका पर सोमवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 23 फरवरी की तारीख तय की है।
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सनातन धर्म रक्षा पीठ वृंदावन के पीठाधीश्वर कथावाचक कौशल किशोर ठाकुर ने एमपी एमएलए कोर्ट में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के खिलाफ याचिका दायर की थी। इसमें सुनवाई के दौरान वादी का आरोप था कि मंत्री ने अपने लोगों से वादी को धमकाने और कोर्ट में जान से मारने का प्रयास किया था। अदालत ने याचिका को क्षेत्राधिकार का हवाला देते हुए खारिज कर दिया था। इसके खिलाफ कथावाचक ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर न्याय की मांग की।
सोमवार को हाईकोर्ट की 53 नंबर अदालत में सुनवाई हुई। कथावाचक के आरोप लगाया कि राज्य के कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने अपने पद और रसूख के बल पर आश्रम पर अवैध वसीयत बनाकर कब्जा करने वालों को संरक्षण देने, जांच को प्रभावित करने एवं उनके लोगों द्वारा वादी को धमकाने का कार्य किया है। सोमवार को अदालत ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद मामले की अगली सुनवाई के लिए 23 फरवरी निर्धारित की है।