वृंदावन। श्री बांकेबिहारी मंदिर में लगाई जा रही पाबंदियों से गोस्वामीजन चिंतित हैं। उनमें अंदर ही अंदर आक्रोश पैदा हो रहा है। पहले मंदिर में मौजूद उनकी कोठरियां बंद करा दी गईं फिर जगमोहन पर पाबंदी लगा दी गई। अब उनके यजमानों की संख्या को भी सीमित कर दिया गया है।
श्रीबांकेबिहारी मंदिर में हाईपावर्ड कमेटी लगातार सुधार के लिए कार्य कर रही है। श्रद्धालुओं के हित में नए फैसले भी ले रही है। दर्शन व्यवस्था में जो भी परेशानी आ रही हैं, उनको दूर किया जा रहा है। फिलहाल कमेटी ने जो भी फैसले लिए हैं, उससे सीधे तौर पर मंदिर के सेवायत गोस्वामी प्रभावित हुए हैं। सेवायत नितिन संवारियां का कहना है कि गोस्वामियों की कोठरियों को मंदिर के अंदर से बंद कर दिया। जगमोहन श्रद्धालुओं के साथ सेवायतों के लिए बंद कर दिया। केवल सेवाधिकारी के अलावा उसमें कोई नहीं जा सकता। देहरी पूजन भी बंद कर दिया गया। अब गोस्वामियों की यजमानों की एंट्री संख्या भी 30 से घटाकर पांच कर दी गई। अभी हाल में कमेटी की बैठक में अध्यक्ष अशोक कुमार ने गोस्वामियों को मंदिर की ओर से दी जाने वाली पेंशन और बच्चों की पढ़ाई के लिए खर्चे पर आपित्त जताई है। आने वाले दिनों में यह बंद हो सकती है। क्या कमेटी केवल सेवायतों के लिए बनी है। सेवायत हिमांशु गोस्वामी ने कहा कि कमेटी केवल सेवायतों पर ही पांबदी लगा रही है, व्यवस्थाओं के नाम पर अभी तक कुछ दिखाई नहीं दे रहा है।