मथुरा। मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही सामने आई है। प्लेटफॉर्म संख्या 8 पर बना एक गेट, जो आम यात्रियों के प्रवेश के लिए निर्धारित नहीं है, लंबे समय से दुरुपयोग का जरिया बना हुआ है। इस गेट से बेखौफ होकर लोग स्टेशन परिसर में प्रवेश कर रहे हैं, जबकि यात्रियों के लिए स्टेशन पर केवल तीन आधिकारिक एंट्री गेट ही निर्धारित हैं।
हैरानी की बात यह है कि इस अनाधिकृत प्रवेश पर न तो रेलवे प्रशासन और न ही रेलवे सुरक्षा में तैनात आरपीएफ की ओर से कोई सख्ती दिखाई दे रही है। प्लेटफॉर्म संख्या 8 का यह गेट करीब सात वर्ष पूर्व स्टेशन की साफ-सफाई और कूड़ा ढोने वाली गाड़ियों के आवागमन के लिए बनाया गया था। साथ ही वीआईपी आगमन और प्रस्थान की स्थिति में भी इसी गेट का उपयोग किया जाता है, लेकिन पिछले कई वर्षों से यह गेट लगातार खुला हुआ है और यहां न तो जीआरपी और न ही आरपीएफ के जवान तैनात रहते हैं। जाहिर है कि अराजक तत्वों के लिए भी स्टेशन में घुसने का आसान रास्ता बन गया है।
रेलवे को हो रहा राजस्व नुकसान
मथुरा जंक्शन पर तीनों आधिकारिक एंट्री गेटों पर टिकट विंडो बनी हैं, जहां प्लेटफॉर्म टिकट की बिक्री होती है, लेकिन प्लेटफॉर्म संख्या 8 के गेट पर कोई टिकट विंडो नहीं है। यही वजह है कि यहां से प्रवेश करने वाले यात्री बिना प्लेटफॉर्म टिकट खरीदे सीधे अंदर पहुंच जाते हैं। इतना ही नहीं, कुछ यात्री बिना टिकट यात्रा तक कर लेते हैं, जिससे रेलवे को राजस्व का नुकसान हो रहा है।
हो चुकी हैं बच्चा चोरी की घटनाएं
वर्ष 2022 में फरह क्षेत्र की एक महिला का सात माह का बच्चा इसी प्लेटफॉर्म से चोरी हुआ था, जिसे बाद में फिरोजाबाद में 1.88 लाख रुपये में बेचे जाने का खुलासा हुआ। इसी तरह 16 जनवरी को वृंदावन की एक महिला का पांच वर्षीय बच्चा चोरी हुआ था, जिसे जीआरपी ने बरामद किया। इन घटनाओं ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी।
वर्जन
प्लेटफार्म संख्या 8 पर बना हुआ गेट आधिकारिक प्रयोग के लिए है। यात्रियों के प्रयोग के लिए 1,2 और 3 पर सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। अनाधिकृत प्रवेश का संज्ञान लेकर इस द्वार की निगरानी व्यवस्था बढ़ाई जाएगी।
प्रशस्ति श्रीवास्तव
पीआरओ