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Mathura News: नहीं पूरा हुआ अंत्योदय का सपना

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दीनदयाल धाम जाने वाले परखम चौराहे पर जाम में फंसे वाहन
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अनुज सिंघल
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फरह। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्मस्थली पर उनके जन्मदिवस पर पांच दशक से मेला लग रहा है। वर्ष 2017 और 2023 में हुए मेलों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शिरकत कर चुके हैं। तीसरी बार उनके आगमन को लेकर तैयारी शुरू हो गई हैं, लेकिन फरह में विकास योजनाएं ठहरी हुई हैं। फरह को तहसील बनाने, मिनी स्टेडियम से लेकर सहित कई उम्मीदें हैं। एक बार फिर से जनता की उम्मीदें जाग गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कस्बे में मिनी स्टेडियम की घोषणा की थी मगर दो वर्ष गुजर जाने के बाद जमीन तक नहीं खोजी जा सकी है। नई तहसील बनाने की मांग क्षेत्रवासी उठाते रहे हैं। दीनदयाल धाम रेलवे स्टेशन की बात करें तो यहां इक्का दुक्का ट्रेनों के ठहराव हैं। कुछ वर्ष पूर्व फरह हॉल्ट का नाम बदलकर दीनदयाल धाम स्टेशन कर दिया गया। लेकिन नाम ही बदला ट्रेनों के ठहराव नहीं बढ़ाए गए। इलाज के नाम पर बस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है। यहां से मरीजों को आगरा, दिल्ली, जयपुर ही रेफर किया जाता है। उच्च शिक्षा के लिए भी कोई सरकारी डिग्री कालेज या व्यावसायिक कालेज नहीं है। रोजगार के लिए भी यहां के लोगों को मथुरा तक जाना पड़ता है।
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यही हाल दीनदयाल धाम जाने वाले मार्ग का है। इसके लिए रेलवे फाटक के जाम में घंटों जूझना पड़ता है। ओवरब्रिज बनाने की मांग भी बरसों पुरानी है। लोगों का कहना है कि मेला लगाना तभी सार्थक होगा, जबकि यहां के लोगों को सुविधाएं भी मिलें। तभी पंडित दीनदयाल के अंत्योदय का सपना पूरा हो सकेगा। संवाद



यहां एक बड़ा अस्पताल खोला जाना चाहिए। इससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। विभोर गोयल, फरह
स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव की बड़ी समस्या है। जल्द से जल्द कुछ एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित होना चाहिए। राजेंद्र सिंह, दौलतपुर

फरह रेलवे फाटक पर कई कई घंटे जाम रहता है पूर्व में भी ओवरब्रिज की मांग की गई थी। ओवरब्रिज सबसे बड़ी जरूरत है। सुनील चौधरी, फरह

फरह को मथुरा जिले की नई तहसील घोषित किया जाना चाहिए। लक्ष्मीकांत, पींगरी
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