वृंदावन। चैतन्य विहार स्थित पाणिनी संस्कृत गुरुकुल हादसे में चार छात्रों की मौत के मामले में पुलिस ने गुरुकुल संचालक को न्यायालय में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया। उसके साथी आचार्यों की तलाश जारी है। वहीं गुरुकुल में शेष बचे छात्रों का सत्यापन कर परिजन के साथ को घर भेजा जा रहा है। पुलिस ने घटना स्थल को सील कर दिया है।
बृहस्पतिवार को गुरुकुल के संचालक मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर निवासी आशीष शर्मा को पुलिस ने न्यायालय में पेश किया। मंगलवार देर रात गुरुकुल में पानी के टैंक की सफाई के दौरान चार छात्रों की मौत हो गई थी। मेरठ के धर्मशाला थाना क्षेत्र निवासी मृतक छात्र विशु शर्मा के पिता मोहित शर्मा ने घटना की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें गुरुकुल के संचालक आचार्य आशीष और उनके साथ अन्य आचार्यों को आरोपी बनाया गया था।
इधर पुलिस हादसे के बाद से गुरुकुल में रहकर संस्कृत की पढ़ाई कर रहे 106 छात्रों को परिजन के साथ उनके घर भेजने में जुटी रही। बृहस्पतिवार को पुलिस ने शेष बचे 40 छात्रों में से 36 छात्रों का सत्यापन किया। परिजन के साथ फोटो लेने के बाद उन्हें उनके घर के लिए रवाना किया। साथ ही गुरुकुल के पीछे के हिस्से में सीढ़ियों के नीचे कमरे में बने पानी के टैंक को सील कर दिया। पुलिस ने घटना स्थल के आसपास लोगों के आने-जाने पर रोक लगा दी है। सीओ वृंदावन संदीप सिंह ने बताया कि गुरुकुल में फिलहाल चार बच्चे शेष बचे हैं। परिजन आने पर सत्यापन के बाद उन्हें भी घर भेज दिया जाएगा। जब तक बच्चे गुरुकुल में हैं उनके भोजन, पानी का प्रबंध किया जा रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं।