मांट। देवकीनंदन ठाकुरजी महाराज ने कहा है कि बंसीवट कोई मामूली स्थान नहीं है। यहां की लता-पता में आज भी युगल जोड़ी सरकार विराजमान हैं। बंसीवट का वट वृक्ष भी मामूली नहीं है, उसके स्पर्श मात्र से मनोकामना पूरी होती हैं।
बंसीवट धाम में श्रीमद भागवत कथा के समापन पर उन्होंने कहा कि मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त किया जाए, तभी हर मंदिर अपने संसाधनों से समाज की सेवा कर सकता है। कहा कि मथुरा में कृष्ण भूमि का निर्माण केवल एक मंदिर बनाना नहीं बल्कि सम्पूर्ण सनातन संस्कृति की विजय और अस्मिता की स्थापना का कार्य होगा।
मंगलवार को श्रीमद भागवत कथा में मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्र दास महाराज, सुदामा कुटी से सुतिक्षण दास महाराज, फूलडोल दास महाराज, जयराम दास महाराज के साथ कई संत महंत पहुंचे। मुख्य यजमान हरेकृष्ण गोयल, मनोज गोयल, बिन्नी गोयल, वर्षा गोयल भावना गोयल, मनु गोयल, मनीष गोयल, डिम्पल गोयल ने भागवत की विदाई की। संवाद