मथुरा। मसानी स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बंद मिलने पर संचालन कंपनी पर एनजीटी और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने बीते साल 7.20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। कंपनी ने अभी तक जुर्माने की धनराशि जमा नहीं कराई है। मामले में बृहस्पतिवार को नगर आयुक्त जग प्रवेश ने आगरा के जल निगम परियोजना प्रबंधक आरपी सिंह व अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर जुर्माना वसूलने को कहा है।
अधिकारियों के मुताबिक, एनजीटी और सीपीसीबी की टीम ने अक्तूबर 2024 में मथुरा में स्थापित एसटीपी प्लांटों का निरीक्षण किया था। इस दौरान टीम को मसानी स्थित एसटीपी प्लांट बंद मिला था। टीम ने अपनी रिपोर्ट में लिखा था कि यह प्लांट एक साल से बंद पड़ा है, इससे पर्यावरण को क्षति हुई है। इस पर टीम ने 7.20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाते हुए निर्धारित समय तक रुपये जमा कराने के निर्देश दिए था, लेकिन एक साल बीतने पर भी संचालन कंपनी ने न जुर्माना भरा न ही अधिकारियों को अवगत कराया। भूतेश्वर स्थित नगर निगम कार्यालय पर बैठक के दौरान नगर आयुक्त ने जल निगम, जलकल विभाग के अधिकारियों से कहा कि संबंध कंपनी को नोटिस जारी कर 22 दिसंबर तक जुर्माना की राशि वसूलें। अगर कंपनी निर्धारित समय से जुर्माना की राशि नहीं देती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करें। बैठक में जलकल महाप्रबंधक अनवर ख्वाजा, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी समेत अन्य मौजूद रहे।