मथुरा। कान्हा की नगरी धार्मिक के साथ पर्यटन हब के रूप में विकसित हो रही है। यहां आराध्य के दर्शन करने के लिए हर वर्ष देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। 2024 में 9 करोड़ श्रद्धालु भगवान के दर आए। इनमें 1.36 लाख विदेशी हैं। इस साल सितंबर तक 7.20 करोड़ श्रद्धालु यहां आ चुके हैं।
पर्यटन विभाग के अनुसार, मथुरा-वृंदावन को पर्यटन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। ब्रज क्षेत्र में सुविधाओं का विस्तार, उत्सवों का आयोजन और आध्यात्मिक विरासत का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है। पर्यटकों व श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या रोजगार के नए अवसर प्रदान कर रही है। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023 में 7.79 करोड़ श्रद्धालु मथुरा-वृंदावन समेत अन्य मंदिरों में दर्शन करने पहुंचे हैं। वहीं वर्ष 2024 में यह संख्या बढ़कर नौ करोड़ से अधिक हो गई। वहीं वर्ष 2025 में सितंबर तक 7.20 करोड़ लोग यहां घूमने आ चुके हैं। इससे होटल व्यवसाय, हस्तशिल्प और परिवहन से जुड़े हजारों परिवारों की आय में वृद्धि हुई है।
एग्री-रूरल टूरिज्म पर जोर दिया जा रहा
प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति अमृत अभिजात के अनुसार, पर्यटकों की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क, गाइड सेवाओं तथा डिजिटल सूचना केंद्रों की संख्या में वृद्धि की गई है। ब्रज क्षेत्र के पर्यटन विकास को अयोध्या-प्रयागराज-काशी की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। एक्सपीरियंसल टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ा जा रहा है। स्थानीय शिल्पकारों को जोड़ते हुए एग्री-रूरल टूरिज्म की संभावनाओं को मजबूत करने पर सरकार का जोर है। इसका उद्देश्य पर्यटक के ठहराव की अवधि को बढ़ाना है।